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5 अगस्त, 2020|9:54|IST

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LAC तनाव: चीन पर बड़े कूटनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है भारत, अपने ही बिछाए जाल में उलझ रहा ड्रैगन

india china lac tension   ap file photo

हांगकांग पर भारत के पहली बार मुखर होने को बड़े कूटनीतिक शिफ्ट के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि भारत अपने रणनीतिक हितों के खिलाफ चीन की लगातार कार्रवाई को देखते हुए 'वन चीन पॉलिसी' को छोड़कर उसी भाषा मे जवाब देने के मूड में है। हालांकि भारत उन देशों में शामिल नहीं हुआ था, जिन्होंने हांगकांग मुद्दे पर चीन के खिलाफ प्रस्ताव दिया है, लेकिन भारत का बयान एक तरह से उन देशों के लिए समर्थन है।

गौरतलब है कि जेनेवा स्थित मानवाधिकार परिषद के 44वें सत्र में हिस्सा लेते हुए भारत ने बुधवार देर रात को कहा कि हांगकांग में बड़ी संख्या में रहने वाले भारतीयों की स्थिति को देखते हुए वह वहां के हालात पर नजर रखे हुए है। भारत के राजदूत राजीव कुमार चंदर ने उक्त बयान देते हुए यह उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष गंभीरता से व सही तरीके से उचित कदम उठाएंगे।

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पहले के रुख में बदलाव
भारत ने नपा तुला बयान दिया, लेकिन हांगकांग का नाम लेकर दी गई प्रतिक्रिया भारत के पहले के रुख से उलट है। पिछले साल काफी अशांति के बावजूद भारत ने इस मसले पर चुप्पी साध ली थी। हांगकांग में करीब 50 हजार भारतीय रहते हैं।

सभी मंचों पर चीन को उसी की भाषा मे जवाब
सूत्रों ने कहा भारत अब लगभग सभी मंचों पर स्पष्ट संकेत दे रहा है कि वह चीन की चालबाजी का जवाब देने के लिए अन्य देशों से हाथ मिलाने को तैयार है। कोविड संकट के बाद भारत ताइवान के मुद्दे पर भी गैर आधिकारिक चर्चाओं में शामिल हो चुका है। जानकारों का कहना है कि भारत के जवाबी रुख से चीन में और बौखलाहट बढ़ सकती है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों में रस्साकशी भी आने वाले दिनों में बढ़ सकती है।

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हर स्तर पर नजर आएगा बदलाव
सूत्रों का कहना है कि चीन के धोखेबाज रवैये के खिलाफ देश मे बने माहौल की वजह से सरकार पर दबाव है। रणनीतिक स्तर से लेकर, सैन्य व कूटनीतिक स्तर पर बड़े बदलाव का खाका बनता नजर आ रहा है।

अपने बिछाए जाल में उलझ रहा चीन
सामरिक जानकार व विवेकानंद फाउंडेशन में सीनियर फेलो पी के मिश्र का कहना है कि चीन अपने ही बिछाए जाल में उलझ रहा है। भारत ने हमेशा उसके साथ बनी सहमति का पालन किया, लेकिन जिस तरह से सीमा पर धोखा मिला उसके बाद रणनीतिक व कूटनीतिक शिफ्ट भारत की मजबूरी है। हांगकांग के साथ भारत को ताइवान और तिब्बत को लेकर भी अपनी राय स्पष्टता से रखने की जरूरत है। आने वाले दिनों में ये बदलाव आधिकारिक व गैर आधिकारिक स्तर पर नजर भी आ सकते हैं।

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  • Web Title:Ladakh Tension LAC India Signal For Big strategic Change Against China