हल्की बारिश भी नहीं झेल पा रहा एक्सप्रेसवे, दो जगह धंसी सड़क
हल्की बारिश भी नहीं झेल पा रहा एक्सप्रेसवे, दो जगह धंसी सड़कहल्की बारिश भी नहीं झेल पा रहा एक्सप्रेसवे, दो जगह धंसी सड़क

उन्नाव, संवाददाता। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की चमक पर निर्माण की खामियां भारी पड़ रही हैं। दो दिन की हल्की बारिश में ही एक्सप्रेसवे पर दो स्थानों पर सड़क धंस गई। 59 किलोमीटर पर करीब 50 मीटर सड़क बैठ गई, जबकि 62 किलोमीटर पर करीब 70 मीटर हिस्से को उखाड़कर दोबारा बनाने का काम चल रहा है। बारिश के कारण मरम्मत कार्य कई बार रोकना पड़ा। 59 किलोमीटर पर सड़क धंसने की सूचना मिलते ही पीएनसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के बाद प्रभावित हिस्से में बेरिकेडिंग कराई गई। डामर उखाड़कर करीब 30 मीटर हिस्से को दोबारा बनाने का काम शुरू किया गया। 62 किलोमीटर पर भी बारिश से काम प्रभावित रहा। यहां रविवार को करीब 70 मीटर सड़क उखाड़ने का काम कई बार रोकना पड़ा।
उद्घाटन के तीन सप्ताह में ही मशीनों के बीच सफर
13 जुलाई को यातायात के लिए खोले गए करीब 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर रफ्तार और सुगम सफर का वादा किया गया था। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद यात्रियों को रोड रोलर, खुदाई मशीनों, बेरिकेडिंग और सड़क उखाड़कर दोबारा बनाने के काम के बीच से गुजरना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को मरम्मत का सिलसिला जारी रहा।
हल्की बारिश में साइड लेन बनी तालाब
28.9 और 31.2 किलोमीटर पर जलभराव की समस्या भी सामने आई। हल्की बारिश में ही साइड लेन पानी से लबालब दिखाई दी। कई जगह क्रैश बैरियर ने नालियों को बाधित कर दिया, जिससे पानी की निकासी प्रभावित हुई। 59 और 62 किलोमीटर पर खोदी गई सड़क में बारिश का पानी जमा दिखाई दिया।
जानकारों के मुताबिक पानी की निकासी ठीक नहीं होने पर सड़क के किनारे की पट्टियां प्रभावित हो सकती हैं
पानी नीचे पहुंचने से मिट्टी कमजोर होने और इसका असर डामर की ऊपरी सतह पर पड़ने की आशंका रहती है।
किनारों की मिट्टी भी दे रही खतरे का संकेत
एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में मिट्टी के ढलान कटे हुए मिले। बारिश के कारण मिट्टी बहने से किनारों की संरचना को दोबारा भरने की जरूरत पड़ रही है। यानी समस्या सिर्फ डामर की सतह तक सीमित नहीं है, बल्कि जल निकासी, सड़क के किनारे और मिट्टी की मजबूती से भी जुड़ी दिखाई दे रही है।
4200 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल
करीब 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सड़क धंसने और सतह खराब होने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले भी सड़क के अलग-अलग हिस्सों में धंसाव, सीपेज और अन्य खामियां सामने आ चुकी हैं। एनएचएआई खराब हिस्सों की मरम्मत और पुनर्निर्माण को लेकर सख्ती दिखाई है। लेकिन, पीएनसी इन्फ्राटेक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं।


