DA Image
12 अगस्त, 2020|5:19|IST

अगली स्टोरी

रणनीति: लद्दाख में एडवांस फ्रंट पर बढ़ेगी सेना की तैनाती, सैटेलाइट से चीनी हरकतों पर होगी नजर

army changes rules of engagement on lac with china empowers field commanders to allow use of firearm

पिछले दो महीने से भी अधिक समय से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी टकराव हालांकि कम हो रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके खत्म होने की उम्मीद भी है, लेकिन इस घटना से सबक लेते हुए भारतीय सेना एलएसी पर अपनी रणनीति में अहम बदलाव की तैयारियों में जुट गई है।

सूत्रों का कहना है कि भविष्य में वहां पहले की अपेक्षा ज्यादा सैनिक तैनात किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार नई रणनीति के तहत गलवान घाटी से लेकर पेंगोंग लेक इलाके तक के करीब सवा दो किलोमीटर क्षेत्र में सेना एवं आईटीबीपी की तैनाती में इजाफा किया जाएगा। यह इजाफा मई से पहले की तुलना में ज्यादा होगा। अभी लद्दाख में सेना के चार डिवीजन हैं जिन्हें चीनी सेना के पीछे हटने के बाद कम किया जाएगा, लेकिन जब हालात सामान्य हो जाएंगे तो भी एलएसी के इस हिस्से को संवेदनशील मानकर अतिरिक्त तैनाती की जाएगी।

चीन ने उठाया 59 चीनी ऐप्स बैन किए जाने का मुद्दा, भारत ने दिया दो टूक जवाब

सरकारी सूत्रों का कहना है कि एलएसी के पीछे, लेकिन अग्रिम मोर्चो पर कम से कम छह से आठ हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा सकती है। इसमें सेना एवं आईटीबीपी दोनों के जवान शामिल होंगे। मकसद यह है कि भविष्य में चीन की किसी भी धोखेबाजी से निपटने के लिए सेना हमेशा तत्पर रहे।

सूत्रों के अनुसार मौजूदा टकराव वाले क्षेत्रों के निकट तैनाती को नया स्वरूप दिया जाएगा। निगरानी की प्रक्रिया को भी व्यापक बनाया जा सकता है। इसमें पेट्रोलिंग के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस भी आरंभ किए जाने की संभावना है। उपग्रह के जरिए भी चीनी गतिविधियों पर विशेष फोकस रखा जाएगा।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:LAC strategy Army Deployment Increase on Advance Front satellite vigilance on China