DA Image
12 जनवरी, 2021|10:38|IST

अगली स्टोरी

लेबर कोड के जरिए सभी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिलाएगी सरकार: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

international labour day

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार (14 मई) को आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए राहत पैकेज की दूसरी किस्त पेश करते हुए कहा कि अभी केवल 30 प्रतिशत कर्मचारियों को ही न्यूनतम वेतन मिल पाता है। सरकार लेबर कोड पर काम कर रही है और इसके तहत सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के न्यूनतम वेतन में अंतर को खत्म किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा, "10 से अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों के लिए देश के सभी जिलों में ईएसआईसी सुविधा को लागू किया जाएगा। 10 से कम कर्मचारी वाले संस्थान भी स्वेच्छा से ईएसआईसी से जुड़ सकते हैं और सभी कर्मचारियों का साल में एक बार स्वास्थ्य परीक्षण कराना अनिवार्य होगा।" इतना ही नहीं, स्थाई कर्मचारियों को एक साल में ही ग्रैच्युटी का लाभ मिलेगा, जो कि अभी 5 साल की सेवा के बाद मिलता है।

वहीं, वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन के चलते संकट का सामना कर रहे प्रवासी मजदूरों को खाना और भोजन मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड का इस्तेमाल करने की छूट दी है। इस फंड में केंद्र सरकार ने 11002 करोड़ रुपए दिए हैं।

मनरेगा पर वित्त मंत्री ने क्या कहा
मनरेगा के तहत 14.6 करोड़ व्यक्ति दिवस कार्य 13 मई तक हुए हैं। अब तक इस पर 10 हजार करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। 1.87 लाख ग्राम पंचायतों में 2.33 करोड़ लोगों को काम दिया गया है। पिछले साल मई की तुलना में 40-50 पर्सेंट कामगार बढ़े हैं। इनके लिए मजदूरी को पहले ही 182 रुपए से बढ़ाकर 202 रुपए कर दिया गया है।

अहम बिंदू
2.33 करोड़ प्रवासी मजदूरों को पंचायत में काम मिला।
नाबार्ड ने 29,500 करोड़ की मदद ग्रामीण बैंकों को।
प्रवासी मजदूर और शहरी गरीबों को राहत पहुंचाने के लिए आपदा राहत फंड के माध्यम से 11000 करोड़ से अधिक की राशि राज्यों को।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Labour Code Minimum Wage announcement by Nirmala Sitharaman