खान-खनिज संशोधन विधेयक वापस लेना होगा : बीके चौधरी
बोकारो में जय झारखंड मजदूर समाज ने केंद्र सरकार द्वारा पारित खान-खनिज संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ जनजागरण अभियान शुरू किया है। कार्यकर्ताओं ने मजदूरों को विधेयक के नकारात्मक प्रभावों के बारे में बताया और इसे वापस लेने की मांग की। इस दौरान प्रदेश की खनिज संपदा और रोजगार समस्याओं पर भी चर्चा हुई।

बोकारो, प्रतिनिधि। जय झारखंड मजदूर समाज की ओर से कोक ओवन एंड कोक केमिकल विभाग में कार्यरत मजदूरों के बीच केंद्र सरकार द्वारा संसद में खान-खनिज संशोधन विधेयक 2026 पारित किए जाने के विरोध में जनजागरण अभियान शुरू किया गया। इस दौरान मजदूरों को विधेयक के प्रावधानों और इसके संभावित प्रभावों की जानकारी देते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई। जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा झारखंड अकूत खनिज संपदा वाला राज्य है, इसके बावजूद यहां लंबे समय तक भुखमरी, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसी समस्याएं बनी रहीं।
वर्ष 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ। उन्होंने कहा खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व से राज्य में कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम में संयुक्त महामंत्री एनके सिंह, सीकेएस मुंडा, आरबी सिंह, रोशन कुमार, तुलसी महतो, बादल कोयरी, एके मंडल, मोहन मांझी, शशिभूषण, ए डब्ल्यू अंसारी, मनोज एक्का, मोहन मार्डी, उत्तम कुमार, माहिलाल मंडल, तुलसी दास, फागू महतो, ओम प्रकाश महतो, आनंद मोहन, बीरेंद्र कुमार, समय हेम्ब्रम, जयराम राय, अजय अदक, फूलचंद गोप, मुख्तार अंसारी, अजय सोरेन और बिनोद कुमार सहित अन्य मौजूद थे।


