जीरो टॉलरेंस: कुशीनगर में दरोगा सहित सात पुलिसकर्मी होंगे बर्खास्त
कुशीनगर पुलिस ने भ्रष्टाचार, गांजा तस्करी और युवती को जबरन घर से ले जाने के मामलों में शामिल सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। एसपी केशव कुमार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कदम उठाए हैं, जिसमें आरोपियों की बर्खास्तगी की तैयारी की जा रही है।

कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कुशीनगर पुलिस ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त रुख अपनाया है। गांजा तस्करी, भ्रष्टाचार और युवती को जबरन घर से ले जाने जैसे गंभीर मामलों में नाम सामने आने के बाद दरोगा एसपी ने समेत सात पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की कार्रवाई की तैयारी शुरू करा दी है। एसपी ने सख्त निर्देश दिया है कि इस तरह के कार्यों में संलिप्तता पर किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली है。
पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई
पिछले 4 अगस्त को एसपी केशव कुमार के सामने ब्यूटी कसया की पार्लर संचालिका ने दो सिपाहियों के खिलाफ शिकायत की थी कि आधी राम के बाद दोनों जबरन उसके घर में घुसे। तोड़ फोड़ की। जबरन गाड़ी में उठा ले गए। गोरखपुर के ढाबे पर भी छेड़छाड़ व मारपीट की। भोर में घर छोड़ कर चले गए। एसपी ने कसया थाने में तैनात आरोपी सिपाही उमाशंकर यादव व महेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। सीओ सदर से जांच करायी। रात तक रिपोर्ट के आधार पर दोनों के खिलाफ कसया थाने में केस दर्ज कर लिया गया। अगले दिन दोनों को जेल भेज दिया गया। अगले दिन डीआईजी भी कसया पहुंचे और दोनों को बर्खास्त करने के आदेश दिए थे।
गांजा तस्करी में लिप्त पुलिसकर्मी
बीते 20 मार्च को रामकोला में लूट की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि शिकायत दर्ज कराने वाला गांजा तस्कर था। तस्करी की रकम हड़पने को लेकर उसने फर्जी केस दर्ज कराया था। पुलिस ने तस्करों की कुंडली खंगाली तो चार सिपाही भी उसमें संलिप्त पाए गए। इस मामले में रामकोला के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर रामकोला थाने में चार सिपाहियों समेत 12 बदमाशों के खिलाफ गांजा तस्करी का केस दर्ज किया गया। गांजे की खेप भी बरामद की गयी। पुलिस ने आरोपी सिपाही सूरज गिरि व विनोद गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी सिपाही नितेश समेत तीन सिपाहियों को बाद में कोर्ट जमानत मिल गई। चौथा सिपाही जितेंद्र फरार चल रहा है। चारों के खिलाफ पुलिस पुलिस जल्द ही बर्खास्तगी की कार्रवाई करेगी।
भ्रष्टाचार के आरोपी दरोगा की स्थिति
फरार है विवेचना में भ्रष्टचार का आरोपी दरोगा
तरयासुजान थाने में तैनात रहे दरोगा आलोक कुमार सिंह ने पीड़ित से विविचेना में हेर फेर करने के लिए घूस मांगी थी। इस मामले में उसके खिलाफ तरया सुजान में 10 मार्च की रात केस दर्ज किया गया था। इसकी भनक लगते ही दरोगा फरार हो गया। तबसे वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है। उस पर भी बर्खास्तगी पर भी तलवार लटकी है।
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वर्दी की आड़ में अवैध गतिविधि, भ्रष्टाचार या आम लोगों के साथ मनमानी करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जीरो टॉलरेंस पर कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई का उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना, आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करना व पीड़ितों को न्याय दिलाना है।
-केशव कुमार, एसपी कुशीनगर


