मादक पदार्थ तस्कर पर जिले में पहली बार हुई पीआईटी एनडीपीएस की कार्रवाई
कुशीनगर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सबसे बड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की है। पहली बार पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। कसया क्षेत्र में हेरोइन के साथ पकड़े गए तस्करों में से एक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है, जिससे तस्करों में खलबली मच गई है।

कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कुशीनगर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की है। जिले में पहली बार किसी मादक पदार्थ तस्कर के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। कसया थाना क्षेत्र में छह माह पहले दो करोड़ रूपये की 2.505 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़े गए बिहार निवासी तीन तस्करों में एक पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में सक्रिय तस्करों में खलबली मच गई है।
पीआईटी एनडीपीएस एक्ट की विशेषताएं
पीआईटी एनडीपीएस यानी प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिकिंग इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांसेज एक्ट के तहत ऐसे लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाती है, जिनकी गतिविधियां मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से लगातार जुड़ी रहती हैं। इसे मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई माना जाता है। इसकी प्रकृति राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत होने वाली निरोधात्मक कार्रवाई जैसी है। इसका मकसद केवल किसी पुराने मुकदमे में सजा दिलाना नहीं, बल्कि आरोपी की अवैध तस्करी की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है।
मादक पदार्थों की बरामदगी
हेरोइन की यह बड़ी बरामदगी एएनटीएफ बाराबंकी की टीम ने कुशीनगर पुलिस की मदद से की थी। कसया क्षेत्र में ओवरब्रिज के नीचे गोपालगढ़ जाने वाली सर्विस लेन से दो तस्कर पकड़े गये थे। बरामदगी करने वाली टीम में एएनएफटी बाराबंकी के उपनिरीक्षक सूरज सिंह, उपनिरीक्षक अरविन्द कुमार सिंह, उपनिरीक्षक मनीष कुमार दुबे सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। कसया पुलिस की ओर से हाईवे चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राहुल कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मिथिलेश कुमार तिवारी और कांस्टेबल अर्जुन कुमार शामिल रहे। थानाध्यक्ष कसया इंत्यानंद पांडेय ने बताया कि पुलिस टीम ने पिछले तीन अप्रैल की रात कसया थाना क्षेत्र में दो करोड़ की हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। चार अप्रैल को कसया थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने तस्कर विनोद साहनी पुत्र स्व. खेदू साहनी निवासी गुदरा थाना मझौलिया जनपद पश्चिमी चम्पारण (बिहार) व राहुल कुमार पुत्र धनुकधारी दांगी निवासी गिद्धौर थाना गिद्धौर जनपद चतरा (झारखण्ड) को 2.505 किग्रा पालिथीन सहित पकड़ा था तथा पुलिस की जांच में तीसरा नाम अशोक साहनी पुत्र हीरा साहनी निवासी गुदरा थाना मझौलिया जनपद बेतियाह बिहार का प्रकाश आया था। तीनों को पुलिस जेल भेज चुकी है। इनमें से विनोद के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई हुई है, जो लंबे समय से मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल रहा है।
पीआईटी एनडीपीएस की कार्रवाई के लाभ
सामान्य जमानत से अलग है पीआईटी एनडीपीएस की कार्रवाई पुलिस का मानना है कि एनडीपीएस के सामान्य मुकदमे में आरोपी न्यायालय की प्रक्रिया के तहत जमानत मांग सकता है। वहीं पीआईटी एनडीपीएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई का उद्देश्य आरोपी को मादक पदार्थों की तस्करी से दूर रखना है। इस कानून के तहत निरुद्ध किए गए व्यक्ति को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है। यही कारण है कि पुलिस इसे मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एनएसए की तर्ज पर कड़ी कार्रवाई मानती है। पीआईटी एनडीपीएस के तहत हुई पहली कार्रवाई को पुलिस की रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अब लगातार तस्करी में शामिल रहने वाले अन्य आरोपियों की गतिविधियों और पुराने मामलों का भी ब्योरा खंगाला जा सकता है।
कुशीनगर में पहली बार कार्रवाई
कुशीनगर में पहली बार मादक पदार्थ तस्कर के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई की गई है। कसया थाना क्षेत्र में पिछले अप्रैल महीने में दो करोड़ की हेरोइन के साथ दो तस्कर पकड़े गए थे। तीसरे नाम जांच में प्रकाश आया था। तीनों जेल में है। इनमें लगातार तस्करी करने वाले विनोद के खिलाफ पीआईटी एनडीपीएस की कार्रवाई की गई है।
केशव कुमार, एसपी कुशीनगर


