अवैध संबंध में युवक की हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास
कुशीनगर में अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अवैध संबंध के चलते युवक शंभू की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 29 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। मुख्य आरोपी उदयभान भगोड़ा है, जबकि अन्य दो के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं।

कुशीनगर, वरिष्ठ संवाददाता। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक राम अवतार यादव की अदालत ने अवैध संबंध में हुई युवक की हत्या के मामले में दो दोस्तों समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर 29-29 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न होने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता उपेंद्र कुमार पाठक ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि वादिनी लीलावती ने दस मई 2011 को थाना कसया में इस आशय की तहरीर दी थी कि उनका 35 वर्षीय पुत्र शंभू छह मई की शाम को छह बजे अपने भाई सागर की बरात जाने के लिए दोस्त राजाराम निवासी मदरहा छोटा टोला व बृजेश निवासी नकहनी के साथ निकला।
रात दस बजे सागर के मोबाइल पर फोन कर राजाराम व बृजेश ने बताया कि वे साधन न मिलने से हेतिमपुर में खड़े हैं। शंभू का भी कुछ पता नहीं चल रहा है। अगले दिन शंभू की हर संभावित जगहों पर तलाश की गई पर पता नहीं चला। दस मई की सुबह महुआडीह के समीप नहर की पटरी पर झाड़ियों के बीच उसका शव मिला। शव पर कई जगह गहरे घाव के निशान हैं। राजाराम व बृजेश ने ही बेटे की हत्या कर दी है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।विवेचना के दौरान हत्याकांड में राजाराम व बृजेश के दोस्त संदीप निवासी तुर्कवलिया व उदयभान निवासी गनेशपुरवा की भूमिका पाई गई। जांच में सामने आया कि शंभू का उदयभान की पत्नी से अवैध संबंध था। इसकी जानकारी होने पर उसने अपने दोस्त संदीप के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। फिर परिचित राजाराम व बृजेश को भी इसमें शामिल किया। योजना के तहत चारों ने मिलकर रात में धारदार हथियार से प्रहार कर शंभू की हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों अभियुक्त रामाराम, बृजेश व संदीप को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उदयभान को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। उसका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।


