गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- 130 करोड़ की शक्ति वाला भारत ठान ले तो कुछ भी संभव, जानिए किसने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार की रात राष्ट्र के नाम संबोधित करते हुए जहां एक तरफ यह साफ किया कि कोरोना लंबे समय तक साथ रहने वाली है तो वहीं दूसरी तरफ पीएम ने कहा कि एक नई सकंल्पशक्ति के साथ...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार की रात राष्ट्र के नाम संबोधित करते हुए जहां एक तरफ यह साफ किया कि कोरोना लंबे समय तक साथ रहने वाली है तो वहीं दूसरी तरफ पीएम ने कहा कि एक नई सकंल्पशक्ति के साथ हमें आगे बढ़ना होगा। इस दौरान पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का भी ऐलान किया। ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा। 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज 2020 में देश की विकास यात्रा को आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा। हालांकि, इसके बाद विपक्ष ने वित्तीय पैकेज के ऐलान में देरी का आरोप लगाया है तो वहीं सरकार के लोग पीएम के इस कदम को ऐतिहासिक बता रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा, ये ऐलान पहले होना चाहिए था
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल न कहा कि वित्तीय पैकेज का ऐलान बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह साफ नहीं है कि इसमें मजदूर, किसान, व्यापारी, लघु एवं सीमांत उद्यमियों के लिए क्या है। कल वित्तमंत्री जब साफ करेंगी उसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस सेक्टर को क्या मिला।
Financial package should have been announced earlier. It is not clear what is in the package for laborers, farmers, traders, and MSMEs. Tomorrow Finance Minister will clarify it then only it will be clear which sector is getting what: Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel pic.twitter.com/VPTTFum9jA
130 करोड़ लोग ठान ले तो कुछ भी संभव-अमित शाह
उधर, केन्द्रीय गृह मेंत्री अमित शाह ने कहा कि 130 करोड़ लोगों की शक्ति वाला भारत अगर ठान ले तो हर संकल्प सम्भव है। मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अब हर भारतवासी को यह संकल्प लेना होगा कि वो बिना रुके-बिना थके भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा।
130 करोड़ लोगों की शक्ति वाला भारत अगर ठान ले तो हर संकल्प सम्भव है।
मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अब हर भारतवासी को यह संकल्प लेना होगा कि वो बिना रुके-बिना थके भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। भारत की आत्मनिर्भरता में पूरे विश्व का कल्याण निहित है।
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उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के हर निर्णय में देश और देशवासियों का हित केंद्र में रहा है। मोदी सरकार द्वारा घोषित किया गया लगभग ₹20 लाख करोड़ का विशेष पैकेज इसी को परिचायक है। जिसमें देश के गरीब, किसान, मध्यमवर्ग व व्यापारी वर्ग के हित समाहित हैं। इससे हर वर्ग सशक्त होगा और देश आत्मनिर्भर बनेगा।
जेपी नड्डा ने कहा, दुनिया का बड़ा ऐतिहासिक पैकेज
पीएम मोदी की तरफ से आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद राजनीतिक जगत से अलग-अलग प्रतिक्रयाएं आई हैं। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, “आज पीएम मोदी ने ऐतिहासिक विश्व के बड़े राहत पैकेज का ऐलान किया है। मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ के वित्तीय पैकेज समाज के सभी लोगों की मदद के लिए दिया गया है। पीएम मोदी के प्रो-एक्टिव एप्रोच से आत्मनिर्भर भारत बनेगा।”
Today, our PM has declared the world’s largest holistic relief package. Modi govt has given financial packages of Rs 20 Lakh Crore to support every section of the society. It is around 10% of Indian GDP. PM’s proactive approach will build a Aatmanirbhar Bharat: BJP Pres JP Nadda https://t.co/UcnP3EQGY6
लोकसभा स्पीकर ने कहा, आत्मनिर्भर भारत का सपना होगा साकार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कोरोना महामारी के वक्त इस राहत पैकेज के ऐलान को अभूतपूर्व बताया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों, किसानों, रेहड़ी वालों से लेकर मध्यम वर्ग और उद्योग व व्यापार जगत तक के विकास के लिए 20 लाख करोड़ के ऐतिहासिक पैकेज से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।
तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा- यह कुछ ऐसा है जिसमें एचआर के द्वारा सीटीसी बताई जाती है लेकिन आखिर में कितनी राशि हाथ में आती है यह नहीं बताया जाता। आज देश के लोगों को आर्थिक पैकेज के तौर पर एक बॉक्स दिखाया गया है, उसके बाहर की पैकेजिंग दिखाई गई है, पर इस पैकेज के अंदर लोगों के लिए है क्या यह अभी तक मालूम नहीं है?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा- देश के मजदूर-गरीब अपनी विपदाओं के लिए प्रबंध की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्हें सुनने को मिला केवल निरर्थक निबंध। क्या आधे घंटे से भी ज्यादा समय में सड़कों पर भटकते मजदूरों के लिए एक-आध शब्द की संवेदना की भी गुंजाइश नहीं थी। हर कोई सोचे। असंवेदनशील-दुर्भाग्यपूर्ण!
जबकि सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, लोगों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री ज्वलंत मुद्दों पर बोलेंगे। लेकिन प्रवासी मजदूर, राज्यों को साधन, बेरोजगारी और भूख पर कुछ ठोस समाधान सुनने को नहीं मिले।
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