कम नहीं हो रही प्रभावित परिवारों की परेशानी
कोसी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है, लेकिन प्रभावित गांवों में समस्याएं बनी हुई हैं। मोरसंडा सहित कई पंचायतों के लोग आवागमन में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत और बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली है।

चौसा, निज संवाददाता। कोसी नदी का जलस्तर धीरे-धीरे घटने का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। नदी का पानी बढ़ने के बाद निचले इलकों में पानी फैलने के कारण उत्पन्न हुई समस्याएं दूर नहीं हो पायी है। लिहाजा प्रभावित परिवारों परेशानी अभी भी बरकरार है। मोरसंडा सहित आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के करीब तीन दर्जन से अधिक गांव के लोगों को अभी तक आवागमन के साथ साथ दैनिक कार्य करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित हुए लोगों को घर-गृहस्थी के कार्यो को लेकर आवागमन करने के लिए नाव ही एक मात्र सहारा बना हुआ है।
बताया गया कि लगभग एक महीने से फुलौत पूर्वी, फुलौत पश्चिम, मोरसंडा, चिरौरी, लौआलगान पूर्वी व लौआलगान पश्चिमी सहित आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में नदी का पानी फैल गया है। कुछ इलाके में धान की खेत में भी पानी घुस गया है। नदी का पानी फैलने के कारण आवागमन बाधित हो चुका है। फुलौत पश्चिमी पंचायत के सपनी मुसहरी, घसकपुर, पनदही बासा, झंडापुर बासा, तियर टोला, फुलौत पूर्वी पंचायत के बड़ीखाल, बरबिग्घी, पिहोरा बासा, करैल बासा, अनुप नगर, मोरसंडा पंचायत के करैलिया मुसहरी, जपती टोला, धानेमाने डीह, घनेशपुर, रामचरण टोला, अमनी बासा, मोरसंडा गोठ और लौआलगान पश्चिमी पंचायत के शंकरपुर, अभिरामपुर, सिंघिया टोला, तुलसीपुर, लौआलगान पूर्वी पंचायत के पौड़ा टोला, बिनटोली, खोपड़िया, मुसहरी में पानी जमा रहने से आवागमन बाधित है। मोरसंडा के सुरेंद्र कुमार चौधरी, बबलू भगत, सदानंद मंडल, निर्मल भगत, पंजाबी पासवान, शंभू राम ने कहा कि है उन लोगों के गांव के चारों तरफ करीब एक पखवाड़े से अधिक दिनो से पानी फैला हुआ है। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है। प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित गांव का सर्वेक्षण करने तक नहीं आये हैं। ग्रामीणों ने कहा कि नदी का पानी फैल जाने के बाद से ही जरूरी काम के लिए नाव के सहारे आवाजाही करने के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीओ उदय कांत मिश्र ने कहा कि कोसी नदी में जलस्तर की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाके में आवागमन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए नाव का परिचालन कराया जा रहा है।राहत व बचाव कार्य शुरू कराने की मांग: चौसा। प्रभावित हुए इलाके के लोगो के बीज राहत व बचाव कार्य शुरू कराने की जन प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है। जिप सदस्य अनिकेत कुमार मेहता, फुलौत पूर्वी पंचायत के मुखिया बबलू ऋषिदेव, मोरसंडा पंचायत के मुखिया शेखर पासवान, पूर्व पसंस मुकेश कुमार मंडल ने कहा है कि नदी का पानी फैलने के कारण करीब एक महीने से तीन दर्जन से अधिक गांव के लोग प्रभावित हैं। लेकिन अभी तक प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध नहीं कराया गया है। मवेशियों के लिए चारा का भी वितरण नहीं किया जा सका है।


