कोसी का जलस्तर घटा, लेकिन जलभराव से परेशानी बरकरार
कोसी नदी का जल स्तर कम हो गया है, लेकिन पूर्वी तटबंध पर स्थित गांवों में जलभराव से जीवन प्रभावित है। कई वार्डों में पानी जमा होने से घर गिरने, गंदगी फैलने और स्वच्छ जल की कमी हो गई है। प्रशासन की अनदेखी के कारण प्रभावित परिवारों की समस्या बढ़ गई है।

नवहट्टा, एक संवाददाता। कोसी नदी के जलस्तर में मंगलवार शाम से कमी देखी जा रही है, लेकिन पूर्वी तटबंध के किनारे बसे गांवों में पहले से फैला जलभराव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।केदली पंचायत के वार्ड नंबर 11, 12, 13, 14 एवं 2 सहित कई वार्डों में जलभराव के कारण आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। गांव की गलियों एवं घर-आंगन में जमा नदी का पानी सड़ने लगा है। लगातार पानी जमा रहने से गंदगी फैल रही है। कच्चे एवं बांस-बल्ले के घरों में गलन होने के कारण कई घर गिरने लगे हैं। सड़कों पर जलभराव के कारण बने गड्ढों से आवागमन में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
घरों से बाहर कोसी पूर्वी तटबंध तक जाने के लिए गांव की छोटी-बड़ी गलियों में नाव ही एकमात्र सहारा बनी हुई है।गांव में स्वच्छ जलापूर्ति योजना के तहत बनाई गई व्यवस्था भी लगभग ठप हो गई है। पंचायत के अधिकांश गांवों में जलभराव से घिरे चापाकलों से दूषित पानी पीने की मजबूरी बनी हुई है। लोगों को भोजन एवं स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।कोसी नदी के तेज कटाव में फसल एवं पशुचारा क्षतिग्रस्त होने से पशुपालकों के सामने पशुओं का जीवन बचाना मुश्किल हो गया है।असैय पुनर्वास निवासी अनिल कुमार यादव, भोगल यादव, रंजीत यादव, रामोतार यादव, शिवशंकर यादव, राजदेव यादव, परवेश यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि बीते दो सप्ताह से जलभराव से प्रभावित दर्जनों परिवारों की सुध लेने कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा है।


