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पंजाब में भाजपा नेताओं के घर भी धरना, किसानों की सबसे बड़ी यूनियन आई साथ; बढ़ रहा आंदोलन

अब किसानों के सबसे बड़े संगठन कहे जाने वाले भारतीय किसान यूनियन (उग्रहां) ने भी आंदोलन में शामिल होने का फैसला लिया है। अब तक संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के आंदोलन से यह संगठन दूर ही था।

पंजाब में भाजपा नेताओं के घर भी धरना, किसानों की सबसे बड़ी यूनियन आई साथ; बढ़ रहा आंदोलन
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,चंडीगढ़Fri, 16 Feb 2024 05:04 PM
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पंजाब और हरियाणा बॉर्डर पर हजारों किसान डटे हुए हैं और सरकार से तीन राउंड की बातचीत का भी कोई हल नहीं निकल सका है। शुक्रवार को किसान संगठनों ने ग्रामीण भारत बंद भी बुलाया था, जिसका देश के अलग-अलग हिस्सों में आंशिक असर रहा। अब किसानों के सबसे बड़े संगठन कहे जाने वाले भारतीय किसान यूनियन (उग्रहां) ने भी आंदोलन में शामिल होने का फैसला लिया है। अब तक संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के आंदोलन से यह संगठन दूर था। बीते कई दिनों से पंजाब एवं हरियाणा को जोड़ने वाले शंभू बॉर्डर पर हजारों किसान ट्रैक्टर और ट्रॉलियां लेकर डटे हुए हैं। ऐसे में एक और बड़े संगठन के आने से यह आंदोलन और मजबूत हो सकता है।

इस बीच संगठन ने यह ऐलान भी किया गया है कि उसके कार्यकर्ता पंजाब में भाजपा नेताओं के घरों के बाहर धरना देंगे। इन नेताओं में सुनील जाखड़ शामिल हैं, जो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इसके अलावा पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व विधायक केवल सिंह ढिल्लो के घर के बाहर भी धरने की तैयारी है। यह धरना शनिवार और रविवार को दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन उग्रहां का कहना है कि उसने 24 फरवरी को चंडीगढ़ में होने वाले अपने प्रदर्शन को भी रद्द कर दिया है। इसकी बजाय अब वे भी दिल्ली चलो मार्च का ही हिस्सा होंगे। शनिवार और रविवार को ये किसान संगठन पंजाब में टोल प्लाजा भी फ्री कर देंगे।

किसानों के इस सबसे बड़े संगठन के 5 शीर्ष सदस्यों की संगरूर में मीटिंग हुई। इसमें फैसला लिया गया है कि दिल्ली चलो मार्च का समर्थन किया जाए। इस मार्च की शुरुआत संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंढेर की ओर से की गई है। दरअसल आंदोलन से दूर रहने के चलते किसानों के इस संगठन की आलोचना की जा रही थी। माना जा रहा है कि बीकेयू उग्रहां ने दबाव के चलते ही आंदोलन में शामिल होने का फैसला लिया है। 

मीटिंग में भी किसान संगठनों के बीच मतभेद साफ दिखा। बीकेयू उग्रहां के नेताओं ने मीटिंग के बाद कहा कि यह बेहतर होता यदि हमसे पहले ही सलाह ली जाती। लेकिन अब हम भी दिल्ली चलो मार्च का हिस्सा होंगे। सभी लोग साथ मिलकर लड़ेंगे। जोगिंदर उग्रहां ने कहा कि हम सुनील जाखड़ के घर के बाहर फाजिल्का में धरना देंगे। इसके अलावा पटियाला में कैप्टन अमरिंदर के घर के बाहर और बरनाला में ढिल्लो के आवास पर दो दिनों तक धरना दिया जाएगा। यही नहीं उन्होंने कहा कि रविवार को सरकार और किसान संगठनों के बीच मीटिंग से क्या निकलता है। उसे देखने के बाद आगे के ऐक्शन पर फैसला होगा।

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