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3 दिसंबर, 2020|8:11|IST

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LIVE: बैठक के बाद बोले किसान नेता- सरकार चाहती है कानून में संशोधन, पर हम वापस लिए जाने पर अड़े

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4 / 4सुखबीर बादल

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 Kisan Andolan: हाल ही में संसद द्वारा पास कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में पिछले आठ दिनों से किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इस मुद्दे पर सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया था। हालांकि, साढ़े सात घंटे तक चली बैठक के बावजूद भी कोई भी हल नहीं निकल सका है। सरकार ने एक बार फिर से अगले दौर की वार्ता के लिए किसानों को 5 दिसंबर को बातचीत के लिए बुलाया है।

किसान तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं और इसको लकेर वे दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं। वे राष्ट्रीय राजधानी में आकर प्रदर्शन की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें फिलहाल इसकी इजाजत नहीं दी गई है। दिल्ली आने वाले अधिकांश रास्तों को सील कर दिया गया है। वहीं, आज चौथे दौर की वार्ता भी चल रही है। 

Kisan Andolan Live Updates:

- किसान नेताओं ने कहा कि हम अपनी पुरानी मांग पर अड़े हुए हैं। संशोधन हमें मंजूर नहीं है, हम तीनों कानूनों को वापस किए जाने तक अड़े हुए हैं। आंदोलन वापसी का कोई सवाल ही नहीं है।

- किसानों के साथ बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि किसानों और सरकार ने अपने-अपने पक्ष रखे। हम लोग शुरू से ही बात कह रहे थे कि भारत सरकार को किसानों की पूरी चिंता है। सरकार को कोई अहंकार नहीं है। हम खुले मन से किसानों के साथ बातचीत कर रहे हैं। किसानों को चिंता है कि नए कानून से मंडी खत्म हो जाएगी। भारत सरकार यह विचार करेगी कि सशक्त हो और इसका उपयोग और बढ़े। जहां तक नए कानून का सवाल है, प्राइवेट मंडियों का प्रावधान है। प्राइवेट मंडियां आएंगी, लेकिन सरकार मंडी से कर की समानता हो, इसपर भी सरकार विचार करेगी। यह भी बात सामने आई कि जब मंडी के बाहर कारोबार होगा तो वह पैन कार्ड से होगा। इसलिए हम लोग ट्रेडर का रजिस्ट्रेशन हो, यह भी हम लोग सुनिश्चित करेंगे।

- नरेंद्र तोमर ने आगे कहा कि किसानों ने कहा कि नए कानून में यह प्रावधान था कि कोई विवाद होता है तो वह एसडीएम कोर्ट में जाएगा। किसानों की चिंता है कि एसडीएम कोर्ट काफी छोटा कोर्ट है। उसे कोर्ट में जाना चाहिए। हम लोग इस दिशा में भी विचार करेंगे। किसानों ने पराली के ऑर्डिनेंस पर भी बातचीत की। सरकार इस विषय पर भी विचार करेगी।

- दिल्ली के विज्ञान भवन में पिछले साढ़े सात घंटे से चल रही किसानों और सरकार के बीच बैठक खत्म हो गई है। सरकार ने एक बार फिर से 5 दिसंबर को बातचीत के लिए बुलाया है।

- पिछले  सात घंटों से विज्ञान भवन में किसान नेताओं की केंद्र सरकार के साथ बातचीत जारी है। इस बैठक में किसानों ने सुझाव दिया कि सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए और नए कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए।

- सुखबीर बादल ने कहा कि क्या बीजेपी या किसी और के पास किसी को भी राष्ट्र-विरोधी घोषित करने का अधिकार है? इन लोगों (किसानों) ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया है और अब आप उन्हें राष्ट्रविरोधी कह रहे हैं। जो लोग उन्हें देशद्रोही कह रहे हैं वे वास्तव में देशद्रोही हैं।

- शिरोमणी अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने कहा, ''किसानों के आंदोलन में कई बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं। क्या वे खालिस्तानियों की तरह दिखती हैं? यह देश के किसानों को एक तरह से एंटी-नेशनल बुलाने का तरीका है। उनकी हिम्मत कैसे हुई किसानों को एंटी-नेशनल बुलाने की। 

- किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव श्रवण सिंह पंढेर ने कहा कि कृ​षि कानूनों में संशोधन से बात बनने वाली नहीं है, कृषि कानून रद्द करने के अलावा कोई और चारा नहीं है।

पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने भारत सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात का आरोप लगाते हुए पद्म विभूषण लौटा दिया है।

- पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि किसानों और केंद्र के बीच बातचीत चल रही है और मेरे पास इस मसले को हल करने के लिए कुछ भी नहीं है। मैंने गृह मंत्री के साथ बैठक में अपना विरोध दोहराया और उनसे इस मुद्दे को हल करने का अनुरोध किया है क्योंकि यह मेरे राज्य की अर्थव्यवस्था और राष्ट्र की सुरक्षा को प्रभावित करता है। 

- पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मानसा और मोगा के दो किसान के परिवों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, जिनकी कृषि कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान मृत्यु हो गई। 
 

- बैठक शुरू होने से पहले कृषि मंत्री ने किसान नेताओं का हाथ जोड़कर किया स्वागत

- दिल्ली: कृषि कानूनों पर किसान नेताओं से बात करने के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर विज्ञान भवन पहुंचे

- किसानों से बातचीत से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार लगातार किसानों के साथ मुद्दों पर चर्चा कर रही है। आज वार्ता का चौथा दौर है और मैं सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर रहा हूं। 
 

आप कानून रद्द करवाना चाहते हैं या उनमें संशोधन" सवाल पूछे जाने पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि आज बात बनेगी। सभी काम होंगे, आज कानून वापसी होगी और किसान भी अपने घर जाएगा। अभी चलकर सरकार से बात करेंगे।

- सरकार से बात करने 40 किसान नेता विज्ञान भवन पहुंचे

-  अमित शाह से मिलने के लिए पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह उनके निवास स्थल पर पहुंचे। 

>> कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा) पर किसान प्रदर्शनकारियों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

>> सरकार से बात करने के लिए 35 किसान नेता सिंघु बॉर्डर से निकल चुके हैं।  

>> किसान मजदूर संघर्ष समिति के एसएस सुभरण ने कहा, 'केंद्र किसानों को बांटने की कोशिश कर रहा है। जब तक पीएम मोदी सभी 507 किसान यूनियनों के नेताओं के साथ बैठक नहीं करेंगे सरकार द्वारा बुलाई गई किसी भी बैठक में शामिल नहीं होंगे।'

>> कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसानों को आज केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक से काफी उम्मीदें हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि फैसला हमारे हक में जाएगा। इतनी संख्या में किसान पंजाब, हरियाणा, यूपी से यहां पहुंच रहे हैं।"

>> गुजरात से आया किसानों का एक समूह कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम टीवी पर देख रहे थे कि ये आंदोलन हरियाणा और पंजाब का है, लेकिन ये आंदोलन पूरे हिन्दुस्तान के किसानों के लिए चल रहा है। हम इस आंदोलन का समर्थन करने आए हैं।"

>> पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। आज वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। 

गुरुद्वारे के कार्यकर्ताओं ने गाजियाबाद में किसानों को चाय पिलाई

राजस्थान के किसानों का एक समूह भी दिल्ली-हरियाणा सिंघु बॉर्डर पर पहुंचा

अमित शाह के घर हुई लंबी बैठक
कृषि कानूनों पर गुरुवार को होने वाली चर्चा को लेकर किसान संगठनों व केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के बीच बैठकों का दौर चलता रहा है। गृह मंत्री अमित शाह के घर पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व रेल मंत्री पीयूष गोयल पहुंचे। वहीं, दिल्ली बार्डर की सड़कों पर बैठे किसान संगठनों के प्रतिनिधि कल की बैठक को लेकर रणनीति तैयार कर रहे थे। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल बुधवार दोपहर गृह मंत्री अमित शाह के घर पर बैठक के लिए गए। बतातें हैं दोनों केंद्रीय मंत्रियो ने नए कृषि कानूनों को लेकर आंदोलनरत किसानों की मांग व विरोध के बारे अमित शाह को बताया।

प्रदर्शनकारी किसानों ने बुधवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए केंद्र सरकार को संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए और अगर मांगें नहीं मानी गयीं तो राष्ट्रीय राजधानी की और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता दर्शन पाल ने आरोप लगाया कि केंद्र किसान संगठनों में फूट डालने का काम कर रहा है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे ।
विशेष सत्र बुलाने की मांग

  

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  • Web Title:Kisan Andolan Live Updates Farmers protest against farm laws continues fourth round of talks will be held today