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3 दिसंबर, 2020|6:49|IST

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सरकार और किसानों के बीच आज चौथे दौर की वार्ता, अमित शाह के घर हुई लंबी बैठक

kisan andolan fourth round of talks between government and farmers today long meeting held at amit s

कृषि कानूनों पर गुरुवार को होने वाली चर्चा को लेकर किसान संगठनों व केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के बीच बैठकों का दौर चलता रहा है। गृह मंत्री अमित शाह के घर पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व रेल मंत्री पीयूष गोयल पहुंचे। वहीं, दिल्ली बार्डर की सड़कों पर बैठे किसान संगठनों के प्रतिनिधि कल की बैठक को लेकर रणनीति तैयार कर रहे थे।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल बुधवार दोपहर गृह मंत्री अमित शाह के घर पर बैठक के लिए गए। बतातें हैं दोनों केंद्रीय मंत्रियो ने नए कृषि कानूनों को लेकर आंदोलनरत किसानों की मांग व विरोध के बारे अमित शाह को बताया।

सरकार ने दिया था किसान समिति के गठन का प्रस्ताव
मंगलवार को हुई बैठक में तोमर की ओर से कृषि कानून को लेकर एक छोटी किसान समिति के गठन का प्रस्ताव रखा था। इसमें किसान संगठनों के पांच प्रतिनिधि, कृषि विशेषज्ञ व कृषि मंत्रायल के अधिकारी शामिल होंगे। लेकिन किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उनका कहना था कि बैठक में बड़ी संख्या में दूसरे किसान संगठनों के प्रतिनिध नहीं शामिल हुए हैं। इसके बगैर कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकती है। इस पर तोमर ने तीन दिसंबर को सभी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक को न्यौता दिया। जिससे संगठन के प्रतिनिधियों ने मान लिया।

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गुरुवार को दोपहर 12 बजे सरकार व किसान संगठनों के बीच चौथे दौर की बैठक होगी। इसमें किसान नेताओं की ओर से तीनों कृ़षि कानून के विरोध को लेकर बिंदुवार लिखित ज्ञापन दिया जाएगा। वहीं, सरकार इस बैठक में एक बार फिर से आंदोलनरत किसानों नेताओं को नए कानून के फायदे गिनाएगी। कृषि कानूनों को लेकर सरकार व किसान संगठन अपने अपने रुख पर मजबूती के साथ खड़े हैं।

आठ दिसंबर से ट्रकों की हड़ताल
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बार्डर पर डटे किसानों को हरियाण, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि राज्यों के किसान संग्ठनों से समर्थन मिलना शुरू हो गया है। इस बीच देश के ट्रांसपोर्ट क्षेत्र की सबसे बड़ी यूनियन आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने किसानों की मांगों को जायज ठहराते हुए अपना समर्थन दिया है।

एआईएमटीसी के अध्यक्ष कुलतार सिंह अटवाल ने कहा कि कृषि कानून के विरोध में लाखों किसान ठंड मे सड़को पर डटे हैं। 95 लाख ट्रकों में से 60 फीसदी ट्रक कृषि उपज, सब्जी, फल आदि की ढुलाई करते हैं। अटवाल ने कहा कि यदि सरकार किसानों की मांगों को मानते हुए तीनों कृषि कानूनों को रद नहीं करती है तो यूनियन आठ दिसंबर से उत्तर भारत में चक्का जाम कर देगी। इसके बाद पूरे देश मे ट्रकों की हड़ताल कर दी जाएगी।

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