चार मरीजों के परिवारों के बीच किडनी की अदला बदली कर प्रत्यारोपण
साकेत अस्पताल के डॉक्टरों ने उत्तर भारत में पहली बार चार मरीजों के परिवारों के बीच किडनी स्वैपिंग से प्रत्यारोपण किया। चारों मरीज अलग-अलग राज्यों के रहने वाले थे और उनके परिवार के सदस्य किडनी दान नहीं कर पा रहे थे। किडनी की अदला-बदली से चारों मरीजों को नई जिंदगी मिली।

-साकेत अस्पताल के डॉक्टरों ने उत्तर भारत में पहली बार चार मरीजों के परिवारों के बीच किडनी स्वैपिंग से प्रत्यारोपण का किया दावा नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता
पहले मरीज
किडनी की बीमारी से जूझते चार मरीज। चारों अलग-अलग राज्यों के वासिंदे, पहले से न कोई रिश्तेदारी, न जान पहचान। दो मरीज हिन्दू, एक इसाई व एक मरीज मुसलमान है। उन्हें परिवार के लोग चाहकर भी किडनी दान नहीं कर पा रहे थे। तब उनका जीवन बचाने के लिए अस्पताल के माध्यम से परिवार के लोग आपस में मिले। इस तरह अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों व धार्मिक मान्यताओं से ताल्लुक रखने वाले उन चार परिवार के बीच किडनी की अदला बदली से चार मरीजों को मैक्स अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण की गई।
दूसरे मरीज
अस्पताल के डॉक्टरों का दावा है कि उत्तर भारत के किसी अस्पताल में पहली बार चार परिवारों के बीच किडनी की अदला बादली से किडनी प्रत्यारोपण किया गया है। एक मरीज जम्मू-कश्मीर, दूसरा दिल्ली, तीसरा नगालैंड और चौथा मरीज बिहार के रहने वाले हैं। दूसरी बार किडनी प्रत्यारोपण के लिए इंतजार कर रही नागालैंड की 34 वर्षीय त्सुत्संगला पोंगेन को उनका भाई एरिकोकबा पोंगेन किडनी देना चाहते थे लेकिन उनके शरीर में भाई की किडनी के खिलाफ एंटीबॉडी बन गई थीं。
तीसरे मरीज
जम्मू-कश्मीर के 47 वर्षीय अब्दुल रऊफ भट को भी दूसरी बार किडनी प्रत्यारोपण की जरूरत थी। उन्हें उनकी बहन नाजनीन रहमान भट चाहकर भी किडनी दान नहीं कर पा रही थीं। दिल्ली निवासी 46 वर्षीय शिवानी खुराना के शरीर में उनके पति वरुण खुराना से जुड़े कुछ एंटीजन के खिलाफ एंटीबॉडी बन गई थीं। इसी तरह बिहार के 34 वर्षीय मरीज लॉ बहादुर का ब्लड ग्रुप उनकी पत्नी निधि कुमारी से मैच नहीं कर रहा था। इसलिए चारों मरीजों व डोनरों के ब्लड ग्रुप, एचएलए टाइपिंग व अन्य जरूरी इम्यूनोलॉजिकल जांच के बाद दिल्ली के वरुण खुराना ने नगालैंड की महिला मरीज त्सुत्संगला पोंगेन को किडनी दी।
आखिरी मरीज
नगालैंड के एरिकोकबा पोंगेन ने बिहार के लॉ बहादुर को किडनी दी। उनकी पत्नी बिहार की निधि कुमारी ने जम्मू-कश्मीर के अब्दुल रऊफ भट को किडनी दान की। अब्दुल रऊफ की बहन नाजनीन रहमान भट ने दिल्ली की शिवानी खुराना को किडनी दी। लेकिन इसकी अनुमति के लिए उन्हें लंबी प्रक्रिया व दस्तावेजों की गहन जांच से गुजरना पड़ा। इसके अलावा स्वीकृति के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का भी रुख करना पड़ा। तब जाकर 13 जुलाई को एक ही दिन चारों डोनर से किडनी लेकर चारों मरीजों को प्रत्यारोपण किया गया। नेफ्रोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. दिनेश खुल्लर ने कहा कि इस तरह किडनी स्वैपिंग उन मरीजों के लिए उम्मीद की एक नई किरण हो सकती है जिनका ब्लड ग्रुप परिवार के किसी सदस्य से मैच नहीं कर पाने या किसी मेडिकल कारण से प्रत्यारोपण नहीं हो पाता।
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लेखक के बारे में
Ranvijay Singhपरिचय एवं अनुभव: रणविजय सिंह को पत्रकारिता में करीब 19 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर प्रमुख संवाददाता स्वास्थ्य, दिल्ली मेट्रो, पेयजल और सामाजिक सरोकार की खबरें कवर करते हैं। इन्हें अपराध, अदालत, तिहाड़ जेल, कृषि, खेल, राजनीति, अन्ना आंदोलन, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय व दिल्ली सरकार को कवर करने का अनुभव है। कोरोना माहामरी, मायापुरी रेडिएशन, निर्भया कांड, लोकसभा, दिल्ली विधानसभा व नगर निगम चुनाव कवर कर चुके हैं। वह करीब एक दशक से अधिक समय से स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर लगातार शोधपरक स्टोरीज लिख रहे हैं। पत्रकारिता के बदलते ट्रेंड्स, डिजिटल कंटेंट व पाठकों की रुचि के अनुरूप अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
करियर का सफर
अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में दैनिक जागरण से की और 18 वर्ष से अधिक समय तक जुड़े रहे। जहां उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियां सीखी और रिपोर्टिंग में अपनी पकड़ मजबूत की और प्रिंट के लिए पत्रकारिता करते हुए दैनिक जागरण डिजिटल प्लेटफार्म के लिए भी कांटेंट तैयार किए। वह पांच अगस्त 2025 को हिन्दुस्तान से जुड़े।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और स्वास्थ्य रिपोर्टिंग
बायोलॉजी से 12वीं करने के बाद स्नातक मानविकी संकाय संकाय से की। बाद मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा करने से विज्ञान, सामाजिक विज्ञान व पत्रकारिता का अनूठा संयोजन मिला।इससे सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों के साथ-साथ मेडिकल बीट पर भी बेहतर तकनीकी समझ विकसित हुई।
विजन
स्वास्थ्य के विषय पर मजबूत पकड़ के साथ पर्यावरण, सामाजिक सरोकार व राजनीति के विषयों की भी गहरी समझ है। उन्होंने कई ओलंपिक खिलाड़ियों, प्रतिष्ठित डॉक्टरों व नेताओं के साक्षात्कार किए हैं। उनका लक्ष्य पाठकों तक प्रमाणित व शोध परक जानकारी पहुंचाना है।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य। पर्यावरण व राजनीतिक खबरों में भी गहरी रुचि।


