राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड की सुनवाई 11 को
बस्ती में विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में बुधवार को व्यवसायी पुत्र राहुल मद्धेशिया के अपहरण की सुनवाई में कोई गवाह उपस्थित नहीं हुआ। अदालत ने शेष गवाहों के लिए 11 सितंबर की नई तारीख तय की है। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है और उनकी संपत्ति कुर्क की गई है।

बस्ती। विशेष सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट/एमपी एमएलए कोर्ट प्रमोद कुमार गिरि की अदालत में व्यवसायी पुत्र राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड के मामले में मंगलवार को कोई साक्षी उपस्थित नहीं हुआ। साक्ष्य की कार्रवाई नहीं हो पाई। शेष अन्य साक्षी के साक्ष्य के लिए 11 सितंबर की तारीख नियत हुई है। घटना के समय बस्ती शहर में तैनात रहे कोतवाल राजेंद्र सिंह, पीड़ित राहुल के भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया, सुपुर्दगी के गवाह शिवा, पूर्व सीओ अविनाश मिश्र, संजय व शमशेर बहादुर सिंह, हेड कांस्टेबल एसटीएफ योगेंद्र सिंह सहित कुल 14 साक्षियों का बयान अंकित किया जा चुका है। शेष गवाहों के विरूद्ध अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।
अभियुक्त पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया है। अदालत के आदेश पर उनकी संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की जा चुकी है। गवाही के लिए नोटिस जारी होने के बाद भी गवाह पेश नहीं हो रहे थे। अदालत ने गवाहों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद गवाहों के अदालत में पेश होने में कुछ तेजी आयी है, जिसके बाद साक्ष्य की कार्रवाई शुरू हुई। छह दिसंबर 2001 को जयपुरवा रोडवेज तिराहा के पास सुबह 7:45 पर धर्मराज मद्धेशिया के पुत्र स्कूली छात्र राहुल मद्धेशिया का अपहरण कर लिया गया था, जिसकी बरामदगी एसटीएफ लखनऊ की टीम ने पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के आवास से किया था। मुकदमा धर्मराज मद्धेशिया की तहरीर पर कोतवाली बस्ती में दर्ज किया गया था। दौरान मुकदमा धर्मराज मद्धेशिया की मृत्यु हो चुकी है।


