अकाउंटेंट को दोबारा नोटिस देकर मांगा गया जवाब
केजीके कॉलेज में पार्किंग व्यवस्था की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। प्राचार्य ने अकाउंटेंट को वित्तीय जानकारी देने के लिए नोटिस दिया है, लेकिन जवाब नहीं मिला है। पार्किंग से जुड़ी अवैध वसूली के खिलाफ एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध किया था। अब प्राचार्य ने दूसरी बार अकाउंटेंट से जवाब मांगा है।

केजीके कॉलेज में पार्किंग व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के मामले में प्रबंध समिति की जांच मंगलवार को भी पूरी नहीं हो सकी। पार्किंग से जुड़े वित्तीय मामलों का हिसाब अकाउंटेंट से मांगा गया था मगर उन्होंने अभी तक इसका हिसाब नहीं दिया है। कॉलेज के प्राचार्य की ओर से एक बार फिर नोटिस देकर वित्तीय मामलों का जवाब मांगा है। प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने अकाउंटेंट को पत्र भेजकर पार्किंग के टेंडर, ठेका प्रक्रिया और कॉलेज के खाते में जमा धनराशि का ब्योरा मांगा था। उनसे यह भी पूछा गया था कि पार्किंग का टेंडर कब और किस प्रक्रिया के तहत हुआ।
साथ ही पार्किंग से प्राप्त रकम में से कॉलेज के खाते में कितनी धनराशि जमा की गई, इसका अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया था। मालूम हो कॉलेज में अवैध रूप से पार्किंग वसूली के खिलाफ सात सितंबर को अवैध पार्किंग को लेकर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय का घेराव किया था। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने पार्किंग से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। पार्किंग संचालक से भी पूछताछ की गई थी, लेकिन वह टेंडर और संचालन की अनुमति से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया था। जवाब नहीं मिलने से जांच पर नजर प्राचार्य के अनुसार अकाउंटेंट सोमवार को कालेज में आए मगर उन्होंने अब तक जवाब कॉलेज प्रशासन को नहीं दिया है।प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को अकाउंटेंट को दूसरा नोटिस देकर जवाब मांगा है।


