Tuesday, January 25, 2022
हमें फॉलो करें :

मल्टीमीडिया

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ देशकृषि विधेयकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी केरल सरकार

कृषि विधेयकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी केरल सरकार

हिन्दुस्तान टाइम्स,तिरुवनंतपुरम Sudhir Jha
Wed, 23 Sep 2020 05:12 PM
कृषि विधेयकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी केरल सरकार

सीपीआई (एम) की अगुआई वाली केरल सरकार ने तीन दिन पहले संसद में पास किए गए कृषि विधेयकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। केरल सरकार ने बुधवार को यह फैसला लेते हुए कहा है कि मोदी सरकार की ओर से पास कराए गए विधेयक संघीय ढांचे का उल्लंघन करते हैं, क्योंकि कृषि समवर्ती सूची में आता है। 

इससे पहले राज्य के कृषि मंत्री वीसी सुनील कुमार ने कानूनी राय ली थी और उन्हें सलाह दी गई थी कि इन बिलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की और कहा गया कि केंद्र सरकार का फैसला राज्य की शक्तियों में दखल है और यह संघीय ढांचे के खिलाफ है।

कोरोना संक्रमित होने की वजह से ऑनलाइन कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए कुमार ने कहा, ''कृषि संविधान की सातवीं अनुसूची में हैं। इन विधेयकों को लाने से पहले एक भी राज्य से संपर्क नहीं किया गया। किसान संगठनों को भी अंधेरे में रखा गया। हम मानते हैं कि ये कानून केवल बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाएंगे।''  

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों में बड़े पैमाने पर एक वैकल्पिक तंत्र की शुरुआत करेगी। मंत्री ने कहा, ''देश भर में लाखों किसान दयनीय जीवन जी रहे हैं और कई आत्महत्या कर चुके हैं। महामारी की चपेट में अब मोदी सरकार सुधारों के नाम पर कई नीतियां लेकर आई है। ये केवल बड़े फार्मिंग कॉर्पोरेट्स की मदद करेंगे।''

यद्यपि केरल कृषि आधारित राज्य नहीं है। कई कृषि संगठनों ने 25 सितंबर को राष्ट्रव्यापी विरोध को अपना समर्थन दिया है। राज्यसभा में कृषि विधेयकों को पास कराए जाने के दौरान हंगामे की वजह से निलंबित किए गए 8 सांसदों में से दो केके रागेश और इलामारोम करीम केरल से हैं।

epaper

संबंधित खबरें