अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आंखों देखी : केरल में अब भी लोगों को मदद का इंतजार, गांवों में जाने को रास्ते तक नहीं

केरल के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री एवं आर्थिक मदद देने के लिए जाते फादर सीजू जॉर्ज

1 / 4केरल के बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री एवं आर्थिक मदद देने के लिए जाते फादर सीजू जॉर्ज

बाढ़ प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद देते फादर सीजू जॉर्ज

2 / 4बाढ़ प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद देते फादर सीजू जॉर्ज

बाढ़ और भूस्खलन से तबाह हुए गांव

3 / 4बाढ़ और भूस्खलन से तबाह हुए गांव

बाढ़ और भूस्खलन से तबाह हुए मकान

4 / 4बाढ़ और भूस्खलन से तबाह हुए मकान

PreviousNext

केरल में बाढ़ ही नहीं भूस्खलन से भी भारी तबाही हुई है। कई गांव पहाड़ों से आए मलवे के नीचे दब गए हैं। गांवों की तबाही का आलम यह है कि केरल के मंगुआ गांव के मकानों के ऊपर दस-दस फीट से भी ज्यादा मलवा जमा हो गया है, जिसे हटाने में प्रशासन जुटा हुआ है। यह बातें सेंट फ्रांसिस स्कूल इंदिरापुरम के फादर सीजू जॉर्ज ने मंगलवार को बताईं।

फादर सीजू जॉर्ज सोमवार को केरल के कई गांवों का दौरा करके लौटे हैं। वह सेंट फ्रांसिस स्कूल इंदिरापुरम के बच्चों और टीचर द्वारा जमा की गई सहायता राशि और जरूरी सामान लेकर केरल गए थे। उन्होंने बताया कि वह मच्छीपड़ाव, लेल्लातुवल,कमलीकंडल, मंगुआ आदि गांवों में गए थे। 

केरल के गांवों की हालत बहुत खराब

स्कूल के डायरेक्टर ब्रदर डॉ. लारेंस अब्राहम ने बताया कि सेंट फ्रांसिस स्कूल इंदिरापुरम द्वारा जमा की गई सहायता राशि सीधे गांव के जरूरतमंदों को बांटी गई। स्कूल में जमा हुए पैसे और सामान लेकर फादर सीजू जॉर्ज केरल गए थे। सीजू जॉर्ज बताते हैं कि केरल के गांवों की हालत बहुत खराब है। लोगों के पास कुछ भी नहीं बचा। मकान या तो भूस्खलन में दबकर टूट गए या फिर बाढ़ में बह गए। यही हाल जमीन का भी है। पशु भी मर गए हैं। लोगों के पास खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा है।

खराब रास्ते बन रहे मदद में बाधा

उन्होंने बताया कि जब वे मदद के लिए गांव जा रहे थे तो सबसे अधिक दिक्कत वहां पहुंचने में हुई। गांव में जाने के लिए रास्ता ही नहीं था। कई किलोमीटर पैदल चलकर गांव में पहुंचना पड़ा। सीजू जॉर्ज बताते हैं प्रशासन को भी गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने में रास्तों के खराब हो जाने से सबसे अधिक दिक्कत आ रही है। 

उन्होंने बताया कि वहां के लोग हमेशा डरे रहते हैं। किसी के भी चेहरे पर मुस्कान दिखती ही नहीं। लोग अपने भविष्य को लेकर परेशान रहते हैं। प्रशासन लोगों की मदद तो कर रहा है, लेकिन अभी भी कई गांव ऐसे हैं जहां ज्यादा मदद की बहुत जरूरत है। लोग राहत सामग्री का इंतजार करते हैं। उन्होंने बताया कि गांव में जिनके घर टूट गए उन्हें शहरों के स्कूलों में बने राहत शिविर में भेज दिया गया था, लेकिन 29 अगस्त से कई स्कूल खुल गए हैं। ऐसे में वहां से लोगों को हटा दिया गया है, अब वहां और राहत शिविर की जरूरत है। 

फादर सीजू जॉर्ज बताते हैं कि उन्होंने राहत सामग्री बांटने में वहां के स्थानीय चर्च की भी मदद ली। उन्होंने बताया कि वहां के चर्च से दो अन्य सहयोगियों को लेकर वह गांव में  गए थे।
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Kerala floods : people still waiting for help no way to go in villages