आकांक्षी जिलों की दौड़ में कटिहार 40वें स्थान पर पहुंचा
आकांक्षी जिलों की दौड़ में कटिहार की बड़ी छलांग, 40वें स्थान पर पहुंचा आकांक्षी जिलों की दौड़ में कटिहार की बड़ी छलांग, 40वें स्थान पर पहुंचाआकांक्षी

कटिहार, वरीय संवाददाता। नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के तहत कटिहार ने विकास के कई मानकों पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। जिले का समग्र स्कोर (कंपोजिट स्कोर) बढ़कर 61.2 हो गया है और मार्च 2026 की डेल्टा रैंकिंग में कटिहार देशभर के आकांक्षी जिलों में 40वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं मनिहारी ब्लॉक ने पूर्वी भारत में पहला स्थान हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है, जबकि कुरसेला ब्लॉक ने सम्पूर्णता अभियान के छहों प्रमुख संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर बिहार में पहला स्थान प्राप्त किया है। इन उपलब्धियों की जानकारी गुरुवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित नीति आयोग के आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सामने आई।
बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त सचिव सह कटिहार के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी (सीपीओ) राहुल सिंह ने की। बैठक में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और नीति आयोग के प्रतिनिधि मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान केंद्रीय प्रभारी अधिकारी राहुल सिंह ने कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि कटिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी भी शत-प्रतिशत उपलब्धि नहीं मिल सकी है, वहां विशेष अभियान चलाकर लक्ष्य हासिल किया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में गर्भावस्था की पहली तिमाही में महिलाओं के पंजीकरण की दर वर्ष 2018 के 66.92 प्रतिशत से बढ़कर अब 99.18 प्रतिशत हो गई है। गंभीर रूप से कुपोषित (एसएएम) बच्चों की संख्या घटकर मात्र 0.80 प्रतिशत रह गई है। बाढ़ और दियारा क्षेत्रों में मानसून के दौरान नाव के माध्यम से टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल को भी नीति आयोग ने सराहा। शिक्षा क्षेत्र में प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर तक बच्चों की संक्रमण दर बढ़कर 79.48 प्रतिशत तथा उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक 74.48 प्रतिशत पहुंच गई है। जिले के सभी 259 सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास संचालित हो रहे हैं। स्कूलों में बाला पेंटिंग के माध्यम से आकर्षक शिक्षण वातावरण तैयार किया गया है, जबकि ई-शिक्षकोश पोर्टल से विद्यार्थियों की नियमित ट्रैकिंग की जा रही है। जिले में परंपरागत खेती के साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और जैविक कॉरिडोर के तहत खीरे जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत मनरेगा से अब तक 1,230 जल निकायों का जीर्णोद्धार किया जा चुका है, जबकि 75 अमृत सरोवर विकसित किए गए हैं। मुद्रा योजना के तहत प्रति एक लाख आबादी पर ऋण वितरण बढ़कर 162 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत प्रति लाख आबादी पर 60,585 बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिले की सभी ग्राम पंचायतों को भारतनेट के माध्यम से इंटरनेट सुविधा से जोड़ दिया गया है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 3,891 आयरन रिमूवल प्लांट स्थापित किए गए हैं। नीति आयोग की आकांक्षी ब्लॉक रैंकिंग में मनिहारी ब्लॉक ने पूर्वी भारत में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं सम्पूर्णता अभियान के छहों प्रमुख संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर कुरसेला ब्लॉक पूरे बिहार में प्रथम स्थान पर रहा। इन उपलब्धियों को जिले के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। बैठक में नीति आयोग से स्वीकृत परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मनिहारी में 77.94 लाख रुपये की लागत से खेल परिसर का निर्माण, अनुमंडलीय अस्पताल में 72.03 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की स्थापना तथा जिले में रोबोशाला और डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की दिशा में कार्य प्रगति पर है। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी राहुल सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल एवं मोटरसाइकिल एंबुलेंस सेवा को और प्रभावी बनाने, शिक्षा विभाग को 'मिशन जीरो ड्रॉपआउट' के तहत विद्यालय छोड़ने वाले बच्चों की संख्या शून्य करने तथा कृषि विभाग को ड्रोन तकनीक के अधिकाधिक उपयोग से उत्पादकता बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग इसी प्रतिबद्धता के साथ काम करते रहे तो कटिहार जल्द ही देश के अग्रणी जिलों की श्रेणी में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।


