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कठुआ रेप केस: जानिए इंडियन आर्मी की मदद करने वाला बकरवाल समुदाय है कौन ?

जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्चे से गैंगरेप के बाद पूरे देश के लोगों में गुस्सा भरा है। नाबालिक जम्मू-कश्मीर के मैदानी इलाकों में रहने वाले बकरवाल समुदाय से ताल्लुक रखती थी। वहीं इस घटना के बकरवाल समुदाय के लोग सुरक्षित नहीं है।

जानकारी के मुताबिक तनावपूर्व हालात और तापमान बढ़ने की वजह से इस साल इस समुदाय के लोगों ने समय से पहले ही जम्मू छोड़कर ठंडे इलाकों में जाने का फैसला किया है।

इन लोगों के लिए ऐसा करना इसलिए जरूरी था क्योंकि बारिश के इंतजार में उन्हें मवेशियों के लिए पानी और चारे की व्यवस्था करना काफी मुश्किल हो रहा था।

आपको बता दें कि 8 साल की मासूम बच्ची के परिवार वाले भी कठुआ के रसाना गांव से अपने घर ताला लगाकर अगले पड़ाव की ओर निकल पड़े हैं। इस समय उनके साथ अन्य इलाकों में डेरा डाले ऐसे सैकड़ों गुर्जर बकरवाल परिवार जम्मू के मैदानी इलाकों से कश्मीर और दूसरे पहाड़ी इलाकों में जाकर बस जाते हैं। गर्मियों के दिन बिताकर ये लोग नवंबर तक मैदानी इलाकों में वापस आ जाते हैं। इन लोगों को जहां भी रुकने की जगह मिलती है वहीं कुछ देर के लिए डेरा जमा लेते हैं। 

भारतीय सेना की करते हैं मदद- 
बताया जाता है कि बकरवाल समुदाय जम्मू-कश्मीर भारतीय सेना के काफी करीब है। इस समुदाय ने पाकिस्तान के साथ 1965 की जंग में भारत की काफी मदद की थी। सूत्रों के मुताबिक जब-जब सीमा पर सेना को किसी मदद की जरूरत पड़ी है गुर्जर बकरवाल परिवारों ने आगे आकर सेना की मदद की है और अग्रिम चौकियों तक रसद पहुंचाने में हमेशा अहम भूमिका निभाई है।

A shepherd catches an afternoon nap after a tiring journey across the mountains. (Waseem Andrabi /HT Photo)

भेड़-बकरी चराने का काम करते हैं बकरवाल-
वैसे तो बुनियादी तौर पर गुर्जर समाज के एक बड़े और रसूखदार तबके को 'बकरवाल' कहा जाता है। इन लोगों को यह नाम कश्मीरी बोलने वाले विद्वानों ने दिया है। या फिर ऐसा कह सकते हैं कि गुर्जर समुदाय के लोगों का दूसरा नाम बकरवाल भी है। बकरवाल समुदाय से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या भेड़-बकरी चराने का काम करती है। ऐसे बहुत से नेता हैं जो बकरवाल होते हुए भी अपने आप को गुर्जर नेता कहलाना पसंद करते हैं।

12 राज्यों में रह रहा है यह समुदाय-

Women belonging to the nomadic Gujjar-Bakarwal community prepare dinner at their temporary camp in Thanamandi district, Rajouri. (Waseem Andrabi /HT Photo)

गुर्जर और बकरवाल भारत में 12 राज्यों में रह रहे हैं। भारत के अलावा पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में भी इनकी अच्छी खासी संख्या है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में गुर्जर बकरवाल की कुल आबादी लगभग 12 लाख के करीब है यानी कुल जनसंख्या का 11 प्रतिशत। जनगणना के मुताबिक 9.80 लाख गुर्जर और 2.17 लाख बकरवाल जम्मू कश्मीर में रह रहे हैं।

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  • Web Title:kathua rape case do you know about Bakarwal Community