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6 जून, 2020|10:07|IST

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वुहान से लौट कश्मीरी छात्र रहमान ने पीएम मोदी को बताया क्वारंटाइन में कैसे बीते 14 दिन

prime minister narendra modi  file pic

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के वुहान शहर से पिछले दिनों लौटे कश्मीरी छात्र निजामउर रहमान से शनिवार को फोन पर बात की। रहमान ने पीएम को बताया कि वुहान में स्थिति भयंकर है। वो वुहान में 60 अन्य कश्मीरी छात्र के साथ मेडिकल की पढ़ाई करते हैं। उसने भारत सरकार का और पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया और कहा समय रहते उनको और उनके मित्रों को वुहान शहर से सुरक्षित निकाल लिया गया।

जब पीएम मोदी ने निजाम उर रहमान से अपना अनुभव साझा करने को कहा कि तो निजाम ने बताया कि 14 दिन अलग थलग रहने के दौरान उन्हें कोई समस्या नही हुई, उन्हें अच्छा खाना दिया गया, खेलने को गेम्स दिए गए। इसलिए जो लोग क्वारनटाइन के दौरान रहते हैं वो भयभीत न हों। पीएम मोदी ने निजाम उर रहमान से कहा कि वह चूंकि मेडिकल की पढ़ाई करते हैं तो ऐसे में लोगों को लॉक डाउन के के महत्व के बारे में बताएं और समझाएं। 

गौरतलब है कि चीन का वुहान शहर कोरोना वायरस का केंद्र रहा है। माना जा रहा है कि चीन के इस शहर से पूरे विश्व में इस वायरस का प्रसार हुआ। कश्मीर के 60 छात्र वुहान में ही मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन भारत सरकार से गुहार लगाने के बाद इन लोगों को सुरक्षित भारत लाया गया और 14 दिन के आइसोलेशन की जरूरी प्रकिया के बाद इन्हें अपने घरों को भेज दिया गया है ।


कोरोना वायरस से निपटने में आयुष डॉक्टरों का सहयोग ले सरकार: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज को स्वस्थ रखने के लिए आयुष डाक्टरों की सराहना करते हुए शनिवार को कहा कि लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के संबंध में जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आयुष डॉक्टरों के साथ संवाद करते हुए कहा कि राष्ट्र को स्वस्थ रखने में आयुष  की लंबी परंपरा रही है। कोरोना वायरस के संबंध में इसकी महत्ता और बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि आयुष डॉक्टरों का तंत्र पूरे देश में फैला है और उन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन के निदेर्शों का पालन करते हुए कोरोना वायरस से निपटने में अपने तंत्र का इस्तेमाल करना चाहिए। इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद येसो नायक और कैबिनेट सचिव और आयुष मंत्रालय के सचिव भी मौजूद थे। 

उन्होंने कहा कि देश को कोरोना वायरस से निपटने में स्वास्थ्य क्षेत्र के संपूर्ण कार्यबल का इस्तेमाल करना चाहिए। सरकार को जरुरत पड़ने पर आयुष से जुड़े गैर सरकारी डाक्टरों की मदद लेनी चाहिए। उन्होंने आयुष औषधि निर्माण करने वाले संस्थानों से सेनेटाईजर जैसे आवश्यक उत्पाद बनाने को भी कहा। प्रधानमंत्री ने  कोरोना वायरस की महामारी से निपटने में टेलीमेडिसिन के इस्तेमाल पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि परस्पर दूरी बनाने पर बल दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने  इस मुश्किल समय में मानसिक तनाव घटाने तथा शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय के 'योगएटहोम अभियान' की सराहना की।  उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा शिक्षण संस्थानों को तथ्य आधारित शोध करने चाहिए जिससे इस पद्धति की विश्वसनीयता बढ़ सके। उन्होंने वैश्विक स्तर पर देश की परंपरागत औषधि और चिकित्सा पद्धति ले जाने को भी कहा। 
 

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  • Web Title:Kashmiri student Rehman returned from Wuhan told PM Modi how the last 14 days in quarantine