सोशल मीडिया पर धमकी के बाद कश्मीरी पंडितों ने मांगी सुरक्षा

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

--पीएम विशेष पैकेज के तहत कार्य कर रहे हैं कश्मीरी पंडित --फोरम ने जम्मू-कश्मीर के

सोशल मीडिया पर धमकी के बाद कश्मीरी पंडितों ने मांगी सुरक्षा

श्रीनगर, एजेंसी। जम्मू-कश्मीर में पीएम विशेष पैकेज के तहत काम कर रहे कश्मीरी पंडितों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज फोरम कश्मीर ने इस संबंध में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। फोरम ने कहा है कि सोशल मीडिया पर कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को धमकी देने वाला एक पोस्टर सामने आया है। यह पोस्टर कथित तौर पर ‘यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल’ नाम के संगठन की ओर से जारी किया गया है। फोरम के मुताबिक, पोस्टर में कुछ कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के नाम, पते और वाहनों के नंबर जैसी निजी जानकारियां भी दी गई हैं। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक इस पोस्टर की असलियत की पुष्टि नहीं की है。

सुरक्षा देने की मांग

फोरम ने कहा कि कश्मीरी पंडित कर्मचारियों पर पहले भी लक्षित हमले हो चुके हैं। लगातार सामने आ रही कथित धमकियों से कर्मचारियों और उनके परिवारों में डर का माहौल है। फोरम ने सरकार से सभी पीएम पैकेज कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ उनके कार्यस्थल, आवास और आने-जाने के रास्तों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। जिन कर्मचारियों की निजी जानकारी कथित पोस्टर में सामने आई है, उन्हें तत्काल सुरक्षा और जरूरी दिशा-निर्देश देने की भी मांग की गई है।

डरे हुए हैं कर्मचारी

प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज के तहत भर्ती हुए और घाटी में काम कर रहे कश्मीरी प्रवासी सनी रैना ने कहा कि हालिया धमकियों ने कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच डर बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि 2022 में कश्मीर में पीएम विशेष पैकेज के तहत काम करने वाले कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या के बाद से ही ऐसी धमकियां मिल रही हैं। मेरा मानना ​​है कि यह 36वां या 37वां धमकी भरा पत्र है।

प्रश्नोत्तर

✦कश्मीरी पंडितों ने सुरक्षा की मांग क्यों की है?−
कश्मीरी पंडितों ने सोशल मीडिया पर धमकी देने वाले पोस्टर के सामने आने के बाद सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsसोशल मीडिया पर धमकी के बाद कश्मीरी पंडितों ने मांगी सुरक्षा