Kartarpur corridor Low turnout blamed on complicated registration process passport service fee - पहले तीन दिन में 1000 से भी कम लोगों ने किया करतारपुर गलियारे का इस्तेमाल, जानें क्या है वजह DA Image
12 दिसंबर, 2019|6:25|IST

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पहले तीन दिन में 1000 से भी कम लोगों ने किया करतारपुर गलियारे का इस्तेमाल, जानें क्या है वजह

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करतारपुर गलियारा शुरू होने के बाद पहले तीन दिन में गुरुद्वारा दरबार साहिब तक केवल एक हजार लोग गए हैं और लोगों का मानना है कि ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी का अभाव, पासपोर्ट की जरूरत और पाकिस्तान की ओर से 20 डॉलर का सेवा शुल्क वसूला जाना इसके लिए जिम्मेदार है।

लोगों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान जाने के बाद अमेरिका और अन्य देशों का वीजा नहीं मिलने के डर के कारण भी लोग और विशेष कर युवा वहां बड़ी तादाद में नहीं जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नौ नवंबर को किये गए इस गलियारे के भव्य उद्घाटन के बाद शुरुआती तीन दिन में केवल 897 श्रद्धालु करतारपुर गलियारे के माध्यम से करतारपुर साहिब गए।

इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर एक आव्रजन अधिकारी ने यहां बताया कि 10, 11 और 12 नवंबर को क्रमश: 229, 122 और 546 श्रद्धालु करतारपुर गए हैं। ये उन संख्याओं से काफी कम हैं, जिन पर भारत और पाकिस्तान सहमत हुए थे। दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था कि रोज पांच हजार श्रद्धालु ऐतिहासिक गुरुद्वारे में मत्था टेकने के लिये सीमा पार कर सकते हैं।

इस बारे में बटाला के बरिंदर सिंह (33) बताते हैं कि ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली के कारण करतारपुर साहिब जाने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है। लोगों का कहना है कि उन्हें पंजीयन प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं है और जिनको इस बारे में जानकारी है उनके लिए भी यह थोड़ा जटिल है। सिंह का कहना है, ''ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया के लिए सरकार को निश्चित तौर पर सहायता मुहैया करानी चाहिए।" उन्होंने करतारपुर गलियारे के माध्यम से यात्रा करने वालों के लिये पासपोर्ट की जरूरत पर भी सवाल उठाया।

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  • Web Title:Kartarpur corridor Low turnout blamed on complicated registration process passport service fee