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8 अगस्त, 2020|6:20|IST

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कर्नाटक की नई औद्योगिक नीति: स्थानीय लोगों को नौकरी , 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को नई औद्योगिक नीति को मंजूरी दे दी। इसमें प्रोत्साहन और छूट के जरिए पांच साल में 5 लाख करोड़ रुपए के निवेश और 20 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही औद्योगिक नीति में रोजगार में कन्नड़ लोगों को प्राथमिकता देने की वकालत की गई है। इसमें कहा गया है, 'सभी नई औद्योगिक परियोजनाएं प्रत्यक्ष रूप से अधिकतम संभावित रोजगार के अवसर सृजित करेंगी। इसमें कुल रोजगार में 70 प्रतिशत कन्नड़ लोगों के लिए होगा। वहीं समूह डी श्रेणी में 100 प्रतिशत कन्नड़ लोगों के लिए होगा।'

औद्योगिक विभाग के अनुसार नई औद्योगिक नीति (2020-2025) में कर्नाटक ने कर आधारित प्रोत्साहन के बजाए उत्पादन कारोबार आधारित प्रोत्साहन प्रणाली अपनाया है। इसका ममकसद उत्पादन आधारित प्रदर्शन को प्रोत्साहित करना है। नीति के तहत औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों को और प्रोत्साहन मिलेगा। इसका मकसद राज्य में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।

उद्योग मंत्री जगदीश शेट्टार ने कहा, 'नई औद्योगिक नीति में अत्याधुनिक विनिर्माण, अनुसंधान और विकास, नवप्रवर्तन के रूप में उभरने का दृष्टिकोण है। इसमें समावेशी, संतुलित और सतत विकास के लिए परिवेश बनाने पर जोर है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हम वस्तु निर्यात में तीसरा स्थान चाहते हैं जो अभी चौथा है। साथ ही सालाना 10 प्रतिशत की दर से औद्योगिक वृद्धि के साथ प्राद्योगिकी और नवप्रवर्तन के लिए उपयुक्त परिवेश तैयार करना चाहते हैं।'

उत्पादन कारोबार आधारित प्रोत्साहन प्रणाली के बारे में शेट्टार ने कहा कि देश में यह पहली बार किया गया है और इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। नई नीति में विभिन्न प्रोत्साहनों और छूट के जरिये पांच साल में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 20 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

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  • Web Title:Karnataka s new industrial policy: jobs to local people target of Rs 5 lakh crore investment