भर्ती में अनियमितताएं संवैधानिक व्यवस्था पर हमला : हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कर्नाटक लोक सेवा आयोग द्वारा 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में अनियमितताएँ सही साबित होती हैं, तो यह सरकारी नौकरियों की संवैधानिक व्यवस्था पर हमला होगा। अदालत ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग वाली याचिका पर कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा। अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी।

बेंगलुरु, एजेंसी। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) द्वारा 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में अनियमितताओं के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल भर्ती में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि सरकारी नौकरियों की संवैधानिक व्यवस्था पर सुनियोजित हमला के बराबर होगा। 29 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग वाली याचिका पर कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा। मंजूनाथ की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने कहा कि सरकारी नौकरियों में भर्ती संविधान के अनुच्छेद 16 के तहत सभी को समान अवसर देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर, पक्षपात या लेनदेन होता है, तो इससे केवल अभ्यर्थियों का ही नहीं, बल्कि योग्य उम्मीदवारों के चयन की जिम्मेदारी निभाने वाली सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। मामले की अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी।


