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कर्नाटक में सत्ता का संघर्ष, 14 माह में दो मुख्यमंत्री विश्वास मत हारे

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कर्नाटक में 2018 में विधानसभा चुनाव के बाद 14 महीने में दो मुख्यमंत्री को विश्वास मत में हार के बाद सरकार गंवानी पड़ी है। कर्नाटक में मई में चुनाव के बाद भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी। चुनाव में भाजपा को 104 सीटें मिली थीं। जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीट मिली थी। इसके बाद राज्यपाल ने भाजपा के येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दिया था। पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वह बहुमत सिद्ध नहीं कर सके और मात्र छह दिन मुख्यमंत्री रहे।

इसके बाद कांग्रेस ने जेडीएस को बिना शर्त समर्थन दिया और एचडी कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बने। देखा जाए तो शुरू से ही कुमारस्वामी सरकार पर संकट के बादल छाए रहे। लेकिन लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद यह और गहरा गया। कांग्रेस और जेडीएस के 16 विधायकों के बगावती तेवर अपनाने से सरकार पर खतरा पैदा हो गया और और कुमारस्वमी सरकार विश्वासमत हासिल नहीं कर सकी।

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सात दशक में तीन मुख्यमंत्री ही पूरा कर पाए कार्यकाल
कर्नाटक के इतिहास में केवल तीन मुख्यमंत्री ही पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा कर पाये। चौदह माह तक सत्ता में रहने के बाद एच डी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार मंगलवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव हार बैठी। एन निर्जंलगप्पा (1962-68), डी देवराजा उर्स (1972-77) और सिद्धरमैया (2013-2018) ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। तीनों कांग्रेस के नेता हैं। जबकि भाजपा का कोई मुख्यमंत्री कार्यकाल पूरा नहीं कर सका।

पहली विधानसभा में ही चार मुख्यमंत्री बने
कर्नाटक में ज्यादातर विधानसभाओं में राज्य ने एक से अधिक मुख्यमंत्री देखे हैं। देखा जाए तो पहली विधानसभा18 जून 1952 और 31 मार्च 1957 में ही राज्य में सबसे अधिक चार मुख्यमंत्री बने। वहीं 9वीं (1989-1994), 12वीं (2004-2007) और 13वीं विधानसभा (2008-2013) में तीन मुख्यमंत्री बने। 

जनता से माफी मांगता हूं: कुमारस्वामी
एच डी कुमारस्वामी ने मंगलवार को कहा कि वह खुशी से अपने पद का बलिदान करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैं विधानसभाध्यक्ष और राज्य की जनता से माफी मांगता हूं। कुमारस्वामी ने कहा कि यह भी चर्चा चल रही है कि मैंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया और कुर्सी पर क्यों बना हुआ हूं। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा चुनाव का परिणाम (2018 में) आया था, वह राजनीति छोड़ने की सोच रहे थे। 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान कुमारस्वामी ने कहा था कि मैं किंग बनूंगा, किंगमेकर नहीं। उनकी यह बात सच साबित हुई।

माया ने विधायक को पार्टी से निकाला
कर्नाटक में एच डी कुमारस्वामी सरकार के विश्वास मत के दौरान बसपा के विधायक के विधानसभा से गैरहाजिर रहने को पार्टी सुप्रीमो मायावती ने गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बसपा प्रमुख ने मंगलवार रात को एक ट्वीट में कहा कि कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के समर्थन में वोट देने के पार्टी हाईकमान के निर्देश का उल्लंघन करके बीएसपी विधायक एन महेश आज विश्वास मत में अनुपस्थित रहे जो अनुशासनहीनता है। इसे पार्टी ने अति गंभीरता से लिया है और इसलिए महेश को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।  

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  • Web Title:Karnataka Game of Power Two CM BS Yeddyurappa HD Kumaraswamy Lose Trust Vote