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सियासत में अविश्वास का इतिहास: कोई एक दिन ही कुर्सी पर रहा, तो कहीं एक वोट से गिरी सरकार

कर्नाटक का नाटक पिछले कई दिनों से चर्चा में बना हुआ है। कर्नाटक में मंगलवार को हुए विश्वास मत में कुमारस्वामी सरकार को मुंह की खानी पड़ी और सरकार गिर गई। कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट कई दिनों तक टलता रहा, मगर मंगलवार को बहुमत परीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई और कुमारस्वाी की सरकार गिर गई।  हालांकि देश में सियासी ड्रामे से भरपूर यह कोई पहला मामला नहीं है। देश के राजनीतिक इतिहास में पहले भी विश्वास मत को लेकर कई रोचक कहानियां देखने को मिली हैं। कोई एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बना, तो कोई सरकार महज एक वोट से गिर गई।

1. शिबू सोरेन 10 दिन के सीएम
झारखंड को वर्ष 2000 में अलग राज्य का दर्जा देने के लिए संघर्ष करने वाले झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन को 2005 में मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला सिर्फ दस दिनों के लिए। 
* 30 सीटें जीतीं थीं भाजपा ने 81 कुल सीटों में से।
* 17 सीटें ही आई झारखंड मुक्ति मोर्चा के खाते में।
* सोरेन ने कांग्रेस व अन्य दलों के साथ सरकार तो बनाई, लेकिन विश्वास मत हासिल नहीं कर सके।

2. एक दिन के मुख्यमंत्री बने जगदम्बिका पाल
उत्तर प्रदेश में 1996 से 1998 के बीच जबरदस्त सियासी उठापटक देखने को मिली। इस सब के बीच जगदम्बिका पाल को मुख्यमंत्री पद की शपथ भी दिलाई गई, लेकिन वह 24 घंटे ही इस कुर्सी पर टिक पाए।

* 174 सीटों के साथ भाजपा 1996 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
* 1997 में बसपा-भाजपा के बीच 6-6 माह के लिए सीएम बनने पर सहमति।
* मगर मायावती ने बाद में कल्याण सरकार से समर्थन खींच लिया।
* फरवरी 1998 में नरेश अग्रवाल के नेतृत्व में दो दर्जन विधायक कल्याण सरकार से छिटके।
* राज्यपाल ने सरकार बर्खास्त की, जगदम्बिका पाल को शपथ दिला दी।
* मगर अदालत ने फैसले को गलत ठहराया, जगदम्बिका पाल को 24 घंटे के भीतर कुर्सी छोड़नी पड़ी।
* कल्याण सिंह ने विश्वास प्रस्ताव रखा।

3. येदियुरप्पा छह दिन ही रहे सीएम
कर्नाटक में पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उसे 104 सीटें मिलीं, जबकि सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों की जरूरत थी। जेडीएस और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया, जिससे उनकी संख्या 115 पहुंच गई। अदालत ने येदियुरप्पा को शक्ति परीक्षण के लिए कहा, मगर येदियुरप्पा ने शक्ति परीक्षण से ठीक पहले इस्तीफा दे दिया।

4. शक्ति परीक्षण के लिए पहुंचे ही नहीं शुरोजेली 
नगालैंड में 2017 में राज्यपाल पीबी आचार्य ने नगालैंड पीपुल्स फ्रंट के शुरोजेली लेजित्सु को टीआर जेलियांग ने चुनौती दी। फिर उन्हें विश्वास मत साबित करने की चुनौती मिली। मगर वह और समर्थक पहुंचे ही नहीं। राज्यपाल ने जेलियांग को सीएम घोषित किया।

5. पेमा खांडू ने एक महीनें में बदलीं दो पार्टिंयां
अरुणाचल में 2016 में एक साल में तीन सीएम बन गए। 17 जुलाई को पेमा खांडू ने कांग्रेस के सीएम के रूप में शपथ ली। सितंबर में 32 विधायकों के साथ पार्टी बनाई, कुछ दिन बाद भाजपा में शामिल।

एक वोट से गिर गई थी वाजपेयी सरकार
* 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी को विश्वास मत साबित करना पड़ा था।
* 13 महीने ही चल पाई थी अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार।
* 17 अप्रैल, 1999 को महज एक वोट से गिर गई थी एनडीए सरकार।
* ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री गिरधर गमांग ने सरकार के खिलाफ वोट किया था।
* गमांग ने लोकसभा सदस्य के तौर पर इस्तीफा देने से मुख्यमंत्री पद संभाल लिया था।

पहला अविश्वास प्रस्ताव नेहरू के खिलाफ
* भारतीय संसद के इतिहास में पहली बार अगस्त 1963 में जे बी कृपलानी ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था।
* तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ प्रस्ताव के पक्ष में सिर्फ 62 वोट पड़े।
* अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में 347 वोट मिले।
* सबसे ज्यादा 15 अविश्वास प्रस्ताव इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ आए।

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  • Web Title:Karnataka Crisis List of Floor Test in India Democratic History Atal Bihari Vajpayee BS Yeddyurappa HD Kumaraswamy