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हिंदी न्यूज़ देशपहले बसों पर लिखे गए महाराष्ट्र समर्थक नारे, अब कर्नाटक CM बोम्मई के पोस्टर पर फेंकी गई काली स्याही

पहले बसों पर लिखे गए महाराष्ट्र समर्थक नारे, अब कर्नाटक CM बोम्मई के पोस्टर पर फेंकी गई काली स्याही

बसों पर महाराष्ट्र समर्थक नारे लिखे जाने की घटनाओं को लेकर बोम्मई से सवाल पूछे गए। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'अगर कोई ऐसा कर रहा है (गाड़ियों को रंग रहा है), तो मैं इसकी निंदा करता हूं।'

पहले बसों पर लिखे गए महाराष्ट्र समर्थक नारे, अब कर्नाटक CM बोम्मई के पोस्टर पर फेंकी गई काली स्याही
Niteesh Kumarलाइव हिन्दुस्तान,बेंगलुरुSat, 26 Nov 2022 09:01 AM

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मुंबई में माहिम बस स्टॉप पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के पोस्टर पर काली स्याही फेंकी गई है। सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें शेयर जा रही हैं जिनमें बोम्मई के पोस्टर पर स्याही पुती हुई नजर आ रही है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद चल रहा है। दोनों राज्यों के नेता बॉर्डर एरिया को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।

इससे पहले मराठी समर्थक संगठन के कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक के स्वामित्व वाली बसों पर काली स्याही से 'जय महाराष्ट्र' जैसे नारे पेंट किए और बोम्मई के खिलाफ नारे लगाए। इसे लेकर सीएम बोम्मई ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील भी की। बोम्मई ने कहा कि ऐसी घटनाएं राज्यों के बीच विभाजन पैदा करेंगी और इसलिए महाराष्ट्र को इस संबंध में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए।

बसों पर महाराष्ट्र समर्थक लिखे गए नारे
बसों पर महाराष्ट्र समर्थक नारे लिखे जाने की घटनाओं को लेकर बोम्मई से सवाल पूछे गए। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'अगर कोई ऐसा कर रहा है (गाड़ियों को रंग रहा है), तो मैं इसकी निंदा करता हूं और महाराष्ट्र सरकार से तत्काल कार्रवाई करने और इसे रोकने का आग्रह करता हूं। यह राज्यों के बीच विभाजन पैदा करेगा। इसलिए महाराष्ट्र सरकार को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। मैं विशेष रूप से उपमुख्यमंत्री व राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं।'

कर्नाटक CM के बयान से खड़ा हुआ विवाद
दरअसल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई के इस दावे के बाद यह विवाद पैदा हो गया कि महाराष्ट्र के कई सीमावर्ती गांव कभी उनके राज्य का हिस्सा बनना चाहते थे। बोम्मई ने कहा था कि महाराष्ट्र के सांगली जिले के जाट तालुका में कुछ ग्राम पंचायतों ने पूर्व में एक प्रस्ताव पारित कर कर्नाटक में विलय की मांग की थी, जब वे गंभीर जल संकट का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने पानी मुहैया कराकर उनकी मदद के लिए योजनाएं तैयार की हैं और उनकी सरकार जाट गांवों के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है।