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देशनेत्रवती नदी किनारे मिला CCD के मालिक वीजी सिद्धार्थ का शव, 2 दिन से थे लापता

नई दिल्ली, लाइव हिन्दुस्तान टीमPublished By: Arun
Wed, 31 Jul 2019 11:04 AM
VG Siddhartha, chairman of Coffee Day Enterprises that runs Cafe Coffee Day outlets. Photo by Priyanka Parashar/Mint(Photo: Priyanka Parashar/Mint)
1 / 2VG Siddhartha, chairman of Coffee Day Enterprises that runs Cafe Coffee Day outlets. Photo by Priyanka Parashar/Mint(Photo: Priyanka Parashar/Mint)
VG Siddhartha, the Cafe Coffee Day founder.(MInt file photo)
2 / 2VG Siddhartha, the Cafe Coffee Day founder.(MInt file photo)

कैफे कॉफी डे के संस्थापक वी जी सिद्धार्थ का शव कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रावती नदी में बुधवार को मिला। सिद्धार्थ सोमवार से लापता थे। उनका शव उल्लाल के निकट नदी किनारे आ गया था और स्थानीय मछुआरों ने उसे निकाला। मैंगलुरू के विधायक यू टी खादर ने बताया कि मित्रों और संबंधियों ने इस बात की पुष्टि की है कि शव सिद्धार्थ का ही है। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि शव सिद्धार्थ का प्रतीत होता है और अभी उनके परिवार से इसकी पुष्टि नहीं की गई हैं।

दक्षिण कन्नड़ जिले के उपायुक्त शशिकांत सेंथिल ने 'पीटीआई भाषा से कहा, ''एक शव मिला है जो उनका (सिद्धार्थ) प्रतीत होता है। परिवार को अभी इसकी अंतिम पुष्टि करनी है। मैंगलुरु के पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने कहा कि शव को आगे की औपचारिकताओं के लिए वेंगलॉक अस्पताल में रखा गया है। देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन के संस्थापक सिद्धार्थ सोमवार को मैंगलुरु जाते समय संदेहास्पद परिस्थितियों में अचानक गायब हो गए थे। सिद्धार्थ का पता लगाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), तटरक्षक, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग एवं तटीय पुलिस की टीमों ने उस पुल के नीचे नेत्रावती नदी के पानी में तलाश की थी, जहां 60 वर्षीय सिद्धार्थ को आखिरी बार देखा गया था।

पुलिस के अनुसार, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता एस. एम. कृष्णा के दामाद सिद्धार्थ को दक्षिण कन्नड़ जिले के कोटेपुरा इलाके में नेत्रावती नदी के पुल के पास सोमवार रात देखा गया था। सिद्धार्थ सोमवार की दोपहर बेंगलुरु से हासन जिले के सक्लेशपुर के लिए निकले थे लेकिन अचानक उन्होंने अपने कार चालक से मैंगलुरु चलने को कहा। पुलिस ने बताया कि नेत्रावती नदी पर बने पुल के पास वह कार से उतर गए और उन्होंने चालक से कहा कि वह टहलने जा रहे हैं।

सिद्धार्थ ने पत्र में कहा था- मैं उद्यमी के तौर पर विफल रहा

सिद्धार्थ ने पत्र में लिखा कि वह कंपनी के लिए एक मुनाफे वाला बिजनेस मॉडल तैयार नहीं कर पाए। उन्होंने कंपनी को हुए नुकसान के लिए माफी भी मांगी। सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे इस पत्र में उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि मैंने इसे सबकुछ दे दिया। मैं उन सभी लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने के लिए माफी मांगना चाहता हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया। अब तक इस बात की तत्काल पुष्टि नहीं हो पाई कि यह पत्र सिद्धार्थ ने ही लिखा है या नहीं। 

सिद्धार्थ ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक लड़ाई लड़ी लेकिन कि आज मैं हिम्मत हार रहा हूं क्योंकि मैं निजी इक्विटी साझेदारों में से एक की तरफ से शेयर वापस खरीदे जाने का और दबाव नहीं झेल सकता हूं। एक लेन-देन जो मैंने छह माह पहले एक दोस्त से बड़ी मात्रा में धन राशि उधार लेकर आंशिक तौर पर पूरा किया था। उन्होंने कहा कि अन्य कर्जदाताओं की तरफ से अत्याधिक दबाव ने मुझे स्थिति के आगे झुक जाने पर मजबूर किया है।

कंपनी ने बताया कि कॉफी डे एंटरप्राइजेज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक वी. जी. सिद्धार्थ से सोमवार शाम से संपर्क नहीं हो पा रहा है।  सिद्धार्थ, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद हैं। पुलिस के मुताबिक, सिद्धार्थ सक्लेश्पुर जा रहे थे लेकिन अचानक उन्होंने अपने चालक से मंगलुरु चलने को कहा। दक्षिण कन्नड़ जिले के कोटेपुरा इलाके में नेत्रवती नदी पर बने पुल के पास वह कार से उतर गए और उन्होंने चालक से कहा कि वह टहलने जा रहे हैं।  इस दौरान सिद्धार्थ ने चालक से उनके आने तक रुकने को कहा। जब वह दो घंटे तक वापस नहीं आए तो चालक ने पुलिस से संपर्क कर उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। 

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