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28 फरवरी, 2020|6:12|IST

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CAA विरोध के लिए PFI से फंडिंग को इंदिरा जयसिंह ने झूठ कहा, कपिल सिब्बल बोले- हादिया केस की दो साल पुरानी फीस

 kapil sibal dushyant dave and indira jaising over ed inquiry note caa protest funded by pfi

उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों का केरल के संगठन पीएफआई के साथ आर्थिक लेन-देन को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कथित नोट पर घमाशान मचा हुआ है। ईडी की कथित नोट पर सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल ने पलटवार किया है। कपिल सिब्बल ने कहा है कि मीडिया ने एक कहानी पेश की है जिसमें ईडी ने उन्हें बताया कि सीएए विरोध पीएफआई द्वारा वित्त पोषित है और उस फंडिंग का कुछ हिस्सा मेरे सहित कुछ अधिवक्ताओं के पास आया है। 

कपिल सिब्बल ने आगे कहा कि मैं चाहता हूं कि मीडिया और इन कहानियों को लीक करने वालों ने थोड़ा सा होमवर्क किया अन्यथा वो इसे लीक नहीं करते। कांग्रेस के नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि इसके पीछे एक मकसद है। मकसद बहुत ही सरल है झूठ द्वारा लोगों की प्रतिष्ठा को नष्ट करना। अधिक से अधिक झूठ बोलना। यह उनकी प्रोपागेंडा का हिस्सा नजर आता है जो कि इस सरकार द्वारा समर्थित और सोशल मीडिया पर 'भक्तों' द्वारा किया गया है। 

ईडी की रिपोर्ट के बाद कपिल सिब्बल ने अपने बयान के साथ-साथ पीएफआई के साथ लेन-देन का पूरा ब्योरा भी बताया है। जिसमें कपिल सिब्बल ने बताया है कि उनको 11-11 लाख के सात पेमेंट मिले हैं। लेकिन इसमें कोई भी पेमेंट 2019 और 2020 का नहीं है। आखिरी बार जो पेमेंट उनको मिला है वो 8 मार्च 2018 का है। ये सभी पेमेंट हादिया केस को लेकर थे जिस केस को लेकर मैं सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित हुआ था।

यही बात दुष्यंत दवे ने भी कही। उन्होंने कहा कि जहां तक मुझे एक केस याद आ रहा है जिसमें एक मुस्लिम संगठन शामिल था, जो कि केरल का हादिया मामला था। इसके अलावा इंदिरा जयसिंह ने भी इस बात से इनकार किया कि उन्हें एंटी-सीएए विरोध या किसी अन्य कारण से पीएफआई से पैसा मिला था। वहीं पीएफआई ने अपने बयान में कहा है जम्मू और कश्मीर में उसका एक भी विंग नहीं है। पीएफआई ने कहा है कि कश्मीर में काम करने वाले पॉपुलर फ्रंट के किसी भी विंग को साबित करने के लिए हम तथाकथित 'स्रोत' को चुनौती देते हैं।वहीं पीएफआई के महासचिव मोहम्मद अली जिन्ना ने ईडी की जांच को पूरी तरह से आधारहीन बताया है।

दरअसल ईडी जांच में पता चला है कि उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों का केरल के संगठन पीएफआई के साथ आर्थिक लेन-देन था। ईडी के सूत्रों के मुताबिक पीएफआई ने करोड़ों रुपए देश के वकीलों को दिए थे। इसमें कुछ सुप्रीम कोर्ट के वकील भी शामिल हैं।

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  • Web Title:Kapil Sibal Dushyant Dave and Indira Jaising over PFI Funding for CAA protest