अगले महीने से मेट्रो को मिलेंगे नए 55 हजार यात्री
कानपुर मेट्रो का यात्री आधार अगले महीने से तेजी से बढ़ने वाला है। नए कॉरिडोर के शुरू होने से मेट्रो को प्रतिदिन करीब 55 हजार नए यात्री मिलेंगे। इससे छात्रों और बाजार के यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। नया सेक्शन यात्रा का समय कम करेगा और ट्रैफिक दबाव भी घटाएगा।

कानपुर। कानपुर मेट्रो का यात्री आधार अगले महीने से तेजी से बढ़ने वाला है। सेंट्रल से नौबस्ता कॉरिडोर शुरू होने के बाद मेट्रो को शुरुआत में प्रतिदिन करीब 55 हजार नए यात्री मिलेंगे। यूपी मेट्रो के ट्रैफिक सर्वे के मुताबिक दक्षिणी कानपुर को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का सबसे बड़ा लाभ मिलेगा। इसके बाद हर महीने तीन से पांच हजार नए यात्रियों के जुड़ने की भी संभावना है। अभी प्रतिदिन 35 हजार यात्री आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो यात्रा करते हैं। अगस्त में इसका उदघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कराने के लिए पीएमओ से संपर्क किया गया है। सेंट्रल से नौबस्ता तक बने नए कॉरिडोर को हाल ही में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) की तीन दिवसीय सुरक्षा जांच में फिट माना गया है। निरीक्षण के बाद टीम ने संचालन पर मौखिक सहमति दे दी है। अब अंतिम सुरक्षा प्रमाणपत्र (सेफ्टी सर्टिफिकेट) जारी होने का इंतजार है। प्रमाणपत्र मिलते ही इस सेक्शन पर यात्री सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी。
नए सेक्शन के लाभ
कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो सेक्शन चालू हो जाने से शिक्षण संस्थान और प्रमुख बाजार जुड़ेंगे। दक्षिण शहर की कनेक्टिविटी मिलने से डेली पैसेंजर्स में छात्र-छात्राएं और मार्केट करने वाले लोग अधिक होंगे। आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो रूट में पिछले एक साल से 30 से 35 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। इसमें नियमित स्कूल कॉलेज जाने वाले पांच हजार से अधिक स्टूडेंट्स हैं। इसके अलावा तीन हजार शिक्षार्थी महाविद्यालयों के हैं, जो रोजाना सफर नहीं बल्कि औसत सप्ताह में चार दिन सफर करते हैं। इसके अलावा कई कॉन्वेंट स्कूलों के बच्चे भी मेट्रो के नियमित यात्री बन गए हैं।
यात्रियों के लिए राहत
नए सेक्शन के चालू होने से यात्रियों को एक और बड़ी राहत मिलेगी। अभी सेंट्रल से मोतीझील के बीच ट्रेनों को क्रॉसओवर की कमी के कारण अधिक समय लगता है। नए क्रॉसओवर के चालू होने के बाद यह यात्रा करीब 15 मिनट के बजाय केवल छह मिनट में पूरी हो सकेगी। अभी तक मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक जो मेट्रो ट्रेन जिस ट्रैक से जाती है, उसी से वापस आती है। ट्रैक शिफ्टिंग की सुविधा क्रॉस ओवर से मिलती है। नया सेक्शन चालू होने से यह दिक्कत खत्म हो जाएगी। इससे ट्रेन संचालन अधिक सुगम होगा और यात्रियों का इंतजार भी घटेगा।
ट्रैफिक दबाव में कमी
नौबस्ता कॉरिडोर शुरू होने के बाद दक्षिणी कानपुर के हजारों यात्रियों का रुझान निजी वाहनों के बजाय मेट्रो की ओर बढ़ेगा, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। ट्रैफिक सर्वे में यह बाद शहरवासियों ने बताई है, रिपोर्ट में इसे शामिल किया गया है।
पंचानन मिश्र, संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क), यूपी मेट्रो कारपोरेशन
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