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कन्हैया कुमार ने थामा कांग्रेस का 'हाथ', CPI नेता डी राजा बोले- उन्हें कम्युनिस्टों की सोच पर भरोसा नहीं

लाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Nishant Nandan
Tue, 28 Sep 2021 08:04 PM
कन्हैया कुमार ने थामा कांग्रेस का 'हाथ', CPI नेता डी राजा बोले- उन्हें कम्युनिस्टों की सोच पर भरोसा नहीं

वामपंथी नेता कहे जाने वाले कन्हैया कुमार ने मंगलवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया। राहुल गांधी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। युवा नेता के तौर पर लेफ्ट की सियासत में अपनी पहचान बनाने वाले कन्हैया कुमार ने काफी कम समय में सुर्खियां बटोरी और लेफ्ट के बड़े-बड़े नेताओं के कद के बराबर अपना मुकाम स्थापित किया। कन्हैया कुमार के सीपीआई छोड़ने पर पार्टी के महासचिव डी राजा की प्रतिक्रिया सामने आई है। 

डी राजा ने कहा, 'उन्होंने (कन्हैया कुमार) खुद को मेरी पार्टी से निकाल लिया। सीपीआई जाति-विहीन, वर्ग विहीन समाज के लिए लड़ रही है। निश्चित तौर से उनकी कुछ निजी महत्वकांक्षा और लक्ष्य होंगे। इससे पता चलता है कि उन्हें कम्यूनिस्ट और काम करने वाले वर्ग की सोच पर भरोसा नहीं है।' याद दिला दें कि डी राजा ने कुछ दिन पहले कन्हैया को कांग्रेस में जाने की चर्चा का खंडन करने के लिए पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बात करने कहा था।

लेकिन मुकर्रर वक्त पर कन्हैया ना तो पार्टी दफ्तर पहुंचे और ना ही पार्टी के नेताओं का फोन उठाया था। डी राजा की मौजूदगी में ही पार्टी के हैदराबाद कांग्रेस में कन्हैया के आचरण को लेकर एक निंदा प्रस्ताव पास किया गया था। माना जा रहा था कि सीपीआई और कन्हैया के बीच दूरियां काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।

इससे पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार कांग्रेस में शामिल हो गए। उनके साथ ही, गुजरात से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी भी 'वैचारिक रूप से' कांग्रेस के साथ जुड़े, हालांकि विधायक होने के कारण कुछ तकनीकी मुद्दों के मद्देनजर आने वाले दिनों में वह औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर इन दोनों युवा नेताओं ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और उनके साथ शहीद पार्क जाकर भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में मेवानी ने राहुल गांधी को संविधान की प्रति भेंट की, तो कन्हैया ने उन्हें महात्मा गांधी, भीमराव आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीर भेंट की। इसके बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास ने संवाददाता सम्मेलन में दोनों नेताओं का स्वागत किया।
 
वेणुगोपाल ने कहा, 'कन्हैया कुमार देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रतीक हैं। उनके शामिल होने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा। जिग्नेश जी के भी शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।' कांग्रेस में शामिल होने के बाद कन्हैया कुमार ने कहा कि करोड़ों नौजवानों को लगने लगा है कि कांग्रेस नहीं बचेगी, तो देश भी नहीं बचेगा और ऐसे में वह लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कांग्रेस में शामिल हुए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में वैचारिक संघर्ष को कांग्रेस ही नेतृत्व ही दे सकती है। उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का धन्यवाद किया।

मूल रूप से बिहार से ताल्लुक रखने वाले कन्हैया जेएनयू में कथित तौर पर देशविरोधी नारेबाजी के मामले में गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में आए थे। कन्हैया पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ भाकपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे थे,  हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। दूसरी तरफ, दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले जिग्नेश गुजरात के वडगाम विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं।

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