परियोजना आधारित शिक्षण में कैमूर सूबे में दसवें स्थान पर
कैमूर ने जुलाई में हुई परियोजना आधारित शिक्षण की समीक्षा में राज्य स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया है। 590 स्कूलों में से 439 ने भाग लिया और 298 विद्यालयों ने अपने प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक पूरे किए। इस सकारात्मक प्रदर्शन से सरकारी स्कूलों में नवाचारी शिक्षण के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की उम्मीद जगी है।

राज्य स्तरीय सूची 26 जुलाई को जारी हुई, प्रदर्शन में जिले ने बनाई मजबूत जगह कैमूर के 590 स्कूलों में 439 ने लिया हिस्सा, 298 विद्यालयों ने परियोजना पूरी की (युवा पेज) भभुआ, नगर संवाददाता। परियोजना आधारित शिक्षण (प्रोजेक्ट बेस्ट लर्निंग) की जुलाई माह में हुई समीक्षा में कैमूर ने पूरे सूबे में 10वां स्थान प्राप्त किया है। 26 जुलाई को जारी राज्य स्तरीय सूची में कैमूर का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। इस उपलब्धि से जिले के सरकारी स्कूलों में नवाचारी एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जगी है।
परियोजना आधारित शिक्षण की भागीदारी
जिले में परियोजना आधारित शिक्षण के तहत कुल 590 विद्यालयों को शामिल किया गया था। इनमें 439 विद्यालयों ने परियोजना गतिविधियों में भागीदारी की, जबकि 298 विद्यालयों ने अपनी परियोजनाएं पूरी कर उनके साक्ष्य भी उपलब्ध कराए। इस तरह जिले के करीब 74 प्रतिशत विद्यालयों ने परियोजना आधारित सीखने की गतिविधियों में हिस्सा लिया। लगभग 51 प्रतिशत विद्यालयों ने परियोजना पूरी की। परियोजना आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें विषयों को गतिविधियों और प्रयोग के जरिए समझने का अवसर दिया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और टीम भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी
अगले माह में शत-प्रतिशत भागीदारी जिले में परियोजना आधारित शिक्षण की गतिविधियों को सफल बनाने में शिक्षकों और विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण रही है। राज्य स्तरीय सूची में कैमूर का दसवें स्थान पर पहुंचना शिक्षा विभाग के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले महीनों में विद्यालयों की शत-प्रतिशत भागीदारी और परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने पर जोर दिया जाएगा।


