64 दिन निक्कू में इलाज पर तीन मासूमों ने जीती जिंदगी की जंग

हिन्दुस्तान, देहरादून
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देहरादून के कैलाश अस्पताल ने गर्भावस्था के 27 सप्ताह में जन्मे तीन समयपूर्व शिशुओं का सफल उपचार किया है। अस्पताल ने दावा किया है कि यह पहली बार है जब यहां 27 सप्ताह में जन्मे ट्रिपलेट शिशुओं का सफल इलाज हुआ। शिशुओं को एनआईसीयू में आधुनिक तकनीकों से इलाज किया गया और सभी स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए।

64 दिन निक्कू में इलाज पर तीन मासूमों ने जीती जिंदगी की जंग

देहरादून। कैलाश अस्पताल दून ने अत्याधुनिक नवजात चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। गर्भावस्था के मात्र 27 सप्ताह चार दिन में जन्मे तीन समयपूर्व (ट्रिपलेट) शिशुओं का सफल उपचार किया है। अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया कि ऐसा पहली बार है जब यहां 27 सप्ताह में जन्मे ट्रिपलेट शिशुओं का सफल इलाज और डिस्चार्ज हुआ है। बुधवार को अस्पताल के कंसल्टेंट नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. रोहन यादव ने बताया कि तीनों शिशुओं का जन्म क्रमशः 1.10 किलोग्राम, 1.03 किलोग्राम और 750 ग्राम वजन के साथ हुआ था। जन्म के तुरंत बाद उन्हें एनआईसीयू में भर्ती कर आधुनिक तकनीकों एनसीपीएपी और लीसा के जरिए सर्फैक्टेंट थेरेपी दी गई।

एक शिशु को गंभीर रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम होने पर वेंटिलेटर और तीन डोज सर्फैक्टेंट देना पड़ा। उपचार के दौरान हृदय संबंधी एचएसपीडीए, समयपूर्व जन्म से होने वाली हड्डियों की कमजोरी और एक शिशु में संक्रमण का भी सफल इलाज किया गया। एनआईसीयू में चार-चार बार किए गए सभी ब्रेन अल्ट्रासाउंड सामान्य रहे, जो बड़ी उपलब्धि है। सबसे छोटे शिशु को 64 दिन तक एनआईसीयू में रखने के बाद स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया। अस्पताल ने इस सफलता का श्रेय स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या गोस्वामी, एनआईसीयू टीम और आधुनिक नवजात चिकित्सा प्रबंधन को दिया।

Chand Mohammad

लेखक के बारे में

Chand Mohammad

शॉर्ट बायो : चांद मोहम्मद पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में देहरादून यूनिट में बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्य कर रहे है।


परिचय एवं अनुभव

चांद मोहम्मद हिंदी पत्रकारिता में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 11 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान अखबार में देहरादून में कार्यरत है और हेल्थ रिपोर्टिंग कर रहे है। वह पिछले आठ साल से हिंदुस्तान से जुड़े है। स्वास्थ्य रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ है।


करियर का सफर

चांद ने अपने करियर की शुरुआत 2015 में अमर अखबार देहरादून से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2018 में उन्होंने हिंदुस्तान ज्वाइन किया। वर्तमान में वह हेल्थ, मेडिकल एजुकेशन, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी रिपोर्टिंग के अलावा देहरादून हिंदुस्तान में सह सिटी प्रभारी और सह अपराध संवाददाता की भूमिका में है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग

चांद बी कॉम और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट है। वह यूपी के मुजफ्फरनगर के छोटे से गांव भंगेला से है। समाज के वंचित लोगों की आवाज उठाने, मरीजों की पीड़ा बयां करना उनका एक जज्बा बयां करता है। कोविड के दौरान उन्होंने पीड़ा बताती और सिस्टम पर प्रहार करती रिपोर्टिंग की। मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर उन्होंने काफी काम किया है। लगातार जागरूकता परक और रिसर्च बेस्ड स्टोरी हेल्थ और मौसम पर करते है।


विजन

चांद का विजन है कि वह अपने जर्नलिज्म से आम आदमी के मुद्दों को उठाए और उन्हें हल कराए। पाठकों के बीच अखबार की विश्वसनीयता बनाए रखे।


विशेषज्ञता

स्वास्थ्य रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी के मामलों के जानकार है।

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