आइएफसी योजना से गांडेय की 500 महिला किसान बनेगी आत्मनिर्भर
गांडेय में, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जेएसएलपीएस द्वारा आइएफसी योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत बकरी पालन से जुड़ी महिलाओं को लीवर टॉनिक वितरित किया गया। 500 महिला किसानों को तीन आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके।

गांडेय। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आजीविका के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जेएसएलपीएस द्वारा आइएफसी यानी इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर योजना की शुरुआत की गई है। योजना के तहत रविवार को उदयपुर पंचायत के चेगरबाद गांव में बकरी पालन से जुड़ी लाभुक महिलाओं के बीच लीवर टॉनिक का वितरण किया गया। टॉनिक वितरण संकुल समन्वयक सुशीला मुर्मू और आइएफसी एंकर तलो सोरेन ने किया। वितरण के बाद लाभुकों को लीवर टॉनिक के फायदे और उपयोग की जानकारी भी दी गई। तीन अजीविका गतिविधि से जुड़ेगी महिलाएं
आजीविका गतिविधियों का चयन
बड़कीटांड़ संकुल संगठन स्वावलंबी सहयोग समिति लिमिटेड के फील्ड थीमेटिक कॉर्डिनेटर रामचंद्र चौधरी ने बताया कि आइएफसी योजना के तहत महिलाओं को तीन आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। योजना के तहत बकरियों को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए बड़कीटांड़ संकुल के 100 किसानों का चयन किया गया है। सभी किसान कम से कम एक डिसमिल जमीन में सुपर नेपियर घास की खेती करेंगे। इससे उपजे घास का उपयोग किसान बकरियों के साथ-साथ अन्य पशुधन के लिए भी कर सकेंगे।
महिलाओं की संख्या
10 गांवों की 500 महिलाएं होंगी लाभान्वित
बताया गया कि आइएफसी योजना के अंतर्गत गांडेय प्रखंड के दो संकुल के 10 गांवों की लगभग 500 महिला किसानों को एकीकृत कृषि प्रणाली से जोड़ा जाएगा। प्रत्येक महिला किसान को आजीविका की तीन गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जाएगा। बड़कीटांड़ सीएलएफ के अंतर्गत उदयपुर, चेगरबाद, दासडीह, देवनडीह और मरगोडीह गांव की महिला किसानों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में बकरी पालन, बकरी की बीमारियां, बचाव, समय-समय पर टीकाकरण और क्रीमीकरण की जानकारी प्रशिक्षित आजीविका पशु सखी और आजीविका किसान मित्र के माध्यम से दी जाएगी। योजना के सफल संचालन के लिए संकुल स्तर पर आजीविका सेवा केंद्र लाइव स्टॉक सर्विस सेंटर की स्थापना भी की जाएगी। इससे पशुपालकों को समय पर स्वास्थ्य सेवा, दवा और तकनीकी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला किसान उपस्थित थीं।
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