भारत-नेपाल की अभेद्य सुरक्षा को दोनों देशों में बनी सहमति
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में वन अपराध रोकने के लिए कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में संयुक्त समन्वय बैठक हुई। अधिकारियों ने सीमा पर बढ़ती चुनौतियों पर चर्चा की और रणनीति तैयार की। संयुक्त गश्त, निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनी, जिससे वन अपराध रोकने में मदद मिलेगी।
मिहींपुरवा,संवाददाता। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में वन अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के धर्मापुर रेंज के सीमा चौकी पर संयुक्त समन्वय बैठक हुई। इसमें रेंज के वन क्षेत्राधिकारी दीपक मिश्रा, नेपाल के जयनगर वन प्रभाग के बबई उप वन प्रभाग के पांचव रेंज अधिकारी प्रभा कुमारी थापा, सशस्त्र सीमा बल के सब इंस्पेक्टर धीरज कुमार भारद्वाज तथा नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स के उप निरीक्षक कोट बहादुर ओली सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहे। बैठक में सीमा क्षेत्र में आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने सहमति जताई कि वन अपराध रोकने के लिए दोनों देशों की सीमा में सघन गश्त बढ़ाई जाएगी और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत की जाएगी।नेपाल
क्षेत्र में सक्रिय शातिर वन अपराधियों और शिकारी गिरोहों पर नकेल कसने के लिए रणनीति तैयार की गई। दोनों देशों के वांछित अपराधियों की सूची का आदान-प्रदान कर संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। खुफिया सूचनाओं को तत्काल साझा करने के लिए संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप और हॉटलाइन संपर्क सक्रिय रखने पर सहमति बनी।अंत में निर्णय लिया गया कि सीमा के संवेदनशील वन क्षेत्रों में वन विभाग, एसएसबी और एपीएफ की संयुक्त टीम दिन-रात गश्त करेगी, जिससे अवैध कटान और शिकार पर रोक लग सके।


