जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण मामला हाईकोर्ट पहुंचा, कल होगी सुनवाई
जौहर ट्रस्ट ने विकास प्राधिकरण (आरडीए) द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर 28 जुलाई को सुनवाई होगी। आरडीए ने इन भवनों को अवैध घोषित किया है, क्योंकि उनका निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया गया है।

विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश को जौहर ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी है। इस याचिका पर 28 जुलाई को सुनवाई निर्धारित की गई है। इसी मामले में ट्रस्ट पहले से ही आरडीए अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त कोर्ट में वैधानिक अपील दाखिल कर चुका है, जिस पर भी 28 जुलाई को ही सुनवाई प्रस्तावित है। बार के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू के अनुसार 28 जुलाई को इस मामले में सुनवाई होगी। मालूम हो कि आरडीए ने कुछ दिन पहले विस्तृत सुनवाई के बाद 38 भवनों को यह कहते हुए अवैध घोषित किया था कि उनका निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के कराया गया है।
प्राधिकरण का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में बने अधिकांश भवन उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए निर्मित किए गए हैं। प्राधिकरण ने अपने आदेश में भवनों को ध्वस्त करने के निर्देश भी जारी किए थे।


