झटके में चली गई बेंगाबाद के चार पदाधिकारियों की नौकरी
बेंगाबाद। जेपीएससी और सीजीएल परीक्षा रद्द होने से चार पदाधिकारियों की नौकरी चली गई है। इसकी वजह से कई महत्वपूर्ण विभागों के पद खाली हो गए हैं। जिनमें नयन शेखर सन्नी और अफजल अंसारी शामिल हैं। उन्होंने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है और जांच की मांग की है।

बेंगाबाद। जेपीएससी और सीजीएल परीक्षा रद्द होने का झटका बेंगाबाद प्रखंड सह अंचल कार्यालय को भी लगा है। सरकार के नोटिफिकेशन के बाद यहां पदस्थापित 4 पदाधिकारियों की नौकरी तत्काल प्रभाव से चली गई। नतीजतन आपूर्ति, श्रम, कल्याण और अंचल निरीक्षण जैसे अहम विभागों के पद एक साथ खाली हो गए हैं। नौकरी गंवानेवालों में नयन शेखर सन्नी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सदानंद कुमार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, अफजल अंसारी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और श्वेताभ रंजन अंचल निरीक्षक शामिल हैं। 17 अगस्त की रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा परीक्षा रद्द करने की घोषणा और सरकार के नोटिफिकेशन के बाद 18 अगस्त को अफजल अंसारी और नयन शेखर सन्नी अपने कार्यालय पहुंचे। दिनभर उन्होंने लंबित फाइलों और योजनाओं का निपटारा किया। शाम को बीडीओ से मुलाकात के बाद दोनों मायूस होकर घर लौट गए। उनके साथ कार्यालय का माहौल भी गमगीन रहा।
रेलवे और कैग की नौकरी छोड़ आए थे
नौकरी गंवाने वाले पदाधिकारियों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। नयन शेखर सन्नी ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद वे आंदोलन में शामिल होने रांची पहुंचे हैं। सरकार अगर चयनित अभ्यर्थियों की बात नहीं सुनेगी तो हम कोर्ट जाएंगे। इससे पहले मैं दिल्ली में कैग कार्यालय में कार्यरत था। अफजल अंसारी ने बताया कि इससे पहले मैं ओडिशा में रेलवे में ट्रेन मैनेजर था। चयन के बाद रेलवे की नौकरी छोड़कर यहां आया था। सरकार से उम्मीद है कि वह चयनितों के साथ न्याय करेगी। श्वेताभ रंजन ने कहा कि मैं पहले हजारीबाग में जेल पुलिस में था। अब फिर से संकट खड़ा हो गया है। वहीं सदानंद कुमार ने कहा, कई परीक्षाएं दीं। सीजीएल में सफलता मिली तो नौकरी मिली थी। परीक्षा रद्द होने से गहरा आघात लगा है। चारों पदाधिकारी फिलहाल रांची में चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल हैं।
प्रखंड के 4 चयनित अभ्यर्थी भी प्रभावित
जानकारी के अनुसार, बेंगाबाद प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से भी 4 अभ्यर्थी सीजीएल के माध्यम से चयनित होकर राज्य के अलग-अलग जिलों में योगदान दे चुके थे। परीक्षा रद्द होने के बाद उनके घरों में भी मायूसी छा गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन 4 पदों के खाली होने से प्रखंड और अंचल के दैनिक कार्यों पर भी असर पड़ना तय है।


