नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये लेने का आरोप, चार के खिलाफ रिपोर्ट
रामपुर में परिवहन विभाग के डीएल प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला उजागर हुआ है। शिकायतकर्ता जन्मेजय शर्मा ने आरोप लगाया है कि कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और अन्य ने पहले पैसे लिए और बाद में नौकरी से निकाल दिया। इस मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

रामपुर,संवाददाता। परिवहन विभाग के डीएल प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये लेने और बाद में नौकरी से निकालने का मामला सामने आया है। सिविल लाइंस थाने में जन्मेजय शर्मा की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रामपुर निवासी जन्मेजय शर्मा का चयन परिवहन विभाग के डीएल प्रोजेक्ट के संचालन के लिए सिल्वर टच कंपनी में हुआ था। आरोप है कि कंपनी में रखने के लिए अंकित चौधरी ने प्रोजेक्ट मैनेजर दुष्यंत सिंह और श्याम मोहन अग्निहोत्री की मध्यस्थता में रामपुर संभागीय परिवहन कार्यालय के बाहर उससे पांच लाख रुपये नकद लिए।
आरोप है कि यह रकम दुष्यंत सिंह और श्याम मोहन अग्निहोत्री तक पहुंचाई गई। बाद में मुरादाबाद परिवहन कार्यालय में डेटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात किया गया। आरोप है कि करीब एक महीने बाद उससे कंपनी से मिलने वाली सैलरी वापस करने का दबाव बनाया गया। उसने वेतन वापस करने से इनकार किया तो 18 मार्च 2026 को व्हाट्सएप कॉल के जरिए एचआर मुकेश निगम ने उसे कार्यालय आने से मना कर दिया और बाद में उसे नौकरी से निकाल दिया गया। आरोप है कि नौकरी में बनाए रखने के लिए दोबारा पांच लाख रुपये की रकम वापस करने की बात कही गई, लेकिन पहले ली गई रकम भी वापस नहीं की गई। उसने पूरे मामले को धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार बताते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इस मामले में दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।


