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देशJNU हिंसा: तैनात रहते हैं 400 सुरक्षा गार्ड, फिर भी घुस गए नकाबपोश हमलावर

हिन्दुस्तान,नई दिल्लीPublished By: Himanshu
Tue, 07 Jan 2020 07:22 AM
JNU हिंसा: तैनात रहते हैं 400 सुरक्षा गार्ड, फिर भी घुस गए नकाबपोश हमलावर

जेएनयू पूरी दुनिया में शैक्षिक गुणवत्ता और लोकतांत्रिक वातावरण के लिए जाना जाता है। पर रविवार की घटना के बाद इसकी प्रतिष्ठा पर बदनुमां दाग लग गया। 2016 में यहां कथितरूप से देशविरोधी नारे लगने का मामला सामने आया तो सुरक्षा बढ़ा दी गई। यहां 400 निजी गार्ड तैनात हैं, फिर भी नकाबपोश कैसे घुस गए।

हिंसा के बाद कैंपस में 700 पुलिसकर्मी तैनात हैं। 2016 के बाद बढ़ाई थी सुरक्षा, 400 निजी गार्ड की तैनाती की गई थी। जेएनयू की सुरक्षा पर 17 करोड़ रुपये पिछले साल खर्च किए गए। प्रवेश पत्र के बिना कैंपस में छात्रों और मीडियाकर्मियों को प्रवेश नहीं मिलता है।

करीब 50 दिन से चल रहा विवाद
11 नवंबर को मार्च निकाल रहे विद्यार्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए थे। लगभग 50 दिन से जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के कारण गतिरोध जारी है। यहां छात्र धरना दे रहे हैं और मुख्य परीक्षाएं भी छोड़ चुके हैं। रविवार को यहां हिंसा हुई।

जेएनयू परिचय
1969 में स्थापित जेएनयू के 80 हजार से ज्यादा पूर्व छात्र वैज्ञानिक, साहित्यकार, मीडिया विशेषज्ञ,  राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, तकनीक विशेषज्ञ, प्रबंधक, उद्यमी हैं।
5 विशेष केंद्र समेत 10 अलग-अलग स्कूल इसके अंतर्गत आते हैं, जो विद्यार्थियों में सामाजिक जागरूकता पैदा करने वाले विषयों से जुड़े हैं।
2 केंद्रीय मंत्री इस संस्थान के पूर्व छात्र हैं, जिनमें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हैं। कई ब्यूरोकेट्स भी जेएनयू से पढ़े हैं।

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