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14 दिसंबर, 2020|6:43|IST

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JNU Violence Live Updates: जेएनयू में हिंसा के बाद छात्रों का दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन, हिंसा में 28 छात्र घायल

tudents protest outside delhi police headquarters against attack on students at jawaharlal nehru uni

1 / 3tudents protest outside Delhi Police headquarters against attack on students at Jawaharlal Nehru University

congress leader priyanka gandhi vadra arrives at aiims trauma centre where 18 people from jawaharlal

2 / 3Congress leader Priyanka Gandhi Vadra arrives at AIIMS Trauma Centre where 18 people from Jawaharlal Nehru University have been admitted

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3 / 3JNU Violence Live Updates: JNU Students Union and ABVP members clash in campus JNU Students Union Chief Aishe Ghosh Injured

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में रविवार (5 जनवरी) रात को उस वक्त हिंसा भड़क गयी जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला किया, परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जिसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा। हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हो गये जिन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है।

सूत्रों ने बताया कि हिंसा शाम करीब पांच बजे शुरू हुई। जेएनयू प्रशासन ने कहा कि लाठियों से लैस नकाबपोश उपद्रवी परिसर के आसपास घूम रहे थे। वे संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे और लोगों पर हमले कर रहे थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बुलाया गया।

दिल्ली पुलिस ने देरी से कार्रवाई के आरोपों के बीच कहा कि उसने फ्लैग मार्च किया और जेएनयू प्रशासन से लिखित अनुरोध मिलने के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि पुलिस ने यह नहीं बताया कि किसी को गिरफ्तार किया गया है अथवा नहीं। घटना के बाद परिसर के भीतर और आस पास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है।

छात्रों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने हॉस्टल में घुसकर छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट की। कुछ टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित वीडियो फुटेज में पुरुषों के एक समूह को दिखाया गया जो हॉकी लिए इमारत में घूम रहे थे। वाम-नियंत्रित जेएनयूएसयू और एबीवीपी ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया। छात्र संघ ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्यों द्वारा किए गए पथराव में घोष सहित उसके कई सदस्य घायल हो गए। लेकिन आरएसएस समर्थित छात्रों के संगठन ने आरोप लगाया कि उसके सदस्यों पर वाम-संबद्ध छात्र संगठनों ने क्रूरता से हमला किया जिसमें उनके 25 लोग घायल हो गए, जबकि 11 लापता हो गए हैं।

JNU Violence Live Updates:

- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के खिलाफ कैंडल जलाकर प्रदर्शन करते अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र।

- जेएनयू कैम्पस में दिल्ली पुलिस के फ्लैग मार्च करने के दौरान 'दिल्ली पुलिस, गो बैक' के नारे लगे।

- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा के बाद जेएनयू कैम्पस में दिल्ली पुलिस ने फ्लैग मार्च किया।

- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के खिलाफ पुणे में प्रदर्शन करते फिल्म एवं टेलीविजन इंस्टीच्यूट के छात्र।

- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के खिलाफ जेएनयू कैम्पस के बाहर लगातार प्रदर्शन करते छात्र।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के खिलाफ मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास अलग-अलग कॉलेजों से छात्रों की भीड़।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के खिलाफ दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर जमा प्रदर्शनकारियों की भीड़।

- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के खिलाफ जेएनयू कैम्पस के बाहर प्रदर्शन करते छात्र।

- एम्स ट्रॉमा सेंटर के बाहर 'जय भीम' के नारे लगाते युवा। यहीं जेएनयू के घायल छात्र भर्ती हैं।

- महाराष्ट्र के पुणे में FTII के छात्रों ने जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

- दिल्ली पुलिस ने देरी से कार्रवाई के आरोपों के बीच कहा कि उसने फ्लैग मार्च किया और जेएनयू प्रशासन से लिखित अनुरोध मिलने के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। हालांकि पुलिस ने यह नहीं बताया कि किसी को गिरफ्तार किया गया है अथवा नहीं। 

- जेएनयू में हुई घटना के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। छात्रों का आरोप है कि जेएनयू में पुलिस के साथ में एबीवीपी कार्यकर्ताओं में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष के साथ में मारपीट की।

 - जेएनयू विश्वविद्यालय ने कहा है कि कैंपस में हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा की कड़ी निंदा करता है। जेएनयू प्रशासन को उन छात्रों के प्रति दर्द और पीड़ा महसूस करता है जिनको हिंसा में चोटें आई हैं।

- एम्स पहुंचीं प्रियंका गांधी ने छात्रों से की मुलाकात। छात्रों से मिलने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों ने उनको बताया कि गुंडों ने लाठी से उनको मारा है। उन्होंने आगे कहा कि एक छात्र ने बताया कि पुलिस ने कई बार उसके सिर मारा है।

- मुखौटा लगाए हुए कुछ लोगों का समूह जेएनयू में घुस गया और उन्होंने वहां पथराव किया, छात्रों पर हमला किया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया : मानव ससांधन विकास मंत्रालय

हिंसा के कृत्यों और अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जेएनयू की घटना दुर्भाग्यपूर्ण और बेहद निंदनीय : मानव संसाधन विकास मंत्रालय

जेएनयू हिंसा की भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि ये अराजक तत्वों की कोशिश है। अराजकता के लिए छात्रों को मोहरा बनाया जा रहा है। 

  - दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से कहा गया है कि एंबुलेंस को जेएनयू कैंपस के अंदर नहीं जाने दिया गया है। पुलिस ने एंबुलेंस को जाने से रोका। पार्टी ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस घायल छात्रों को चिकित्सा सहायता देने के लिए पहुंची एंबुलेंस को नहीं रोकेगी।

एचआरडी मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने जेएनयू में हुई घटना की निंदा की है और छात्रों से परिसर में शांति बनाए रखने की अपील की है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों पर हमले की घटना की जाँच ज्वाइंट सीपी, वेस्टर्न रेंड शालिनी सिंह करेंगी।

एम्स ट्रामा सेंटर में 18 और सफदरजंग में एक छात्र को भर्ती कराया गया है।

जेएनयू के घायल छात्रों को देखने के लिए एम्स के ट्रॉमा सेंटर पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी।

 - जनादेश द्वारा ठुकरा दिए गए और जनाधार वहींन राजनीतिक दलों और नेताओं की हताशा विश्वविद्यालयों में हिंसा के रूप में सामने आ रही है JNU में हुई हिंसा कि हम कड़ी निंदा करते हैं। इस बात की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए: मनोज तिवारी

 - AIIMS ट्रॉमा सेंटर के अधिकारी: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के 18 लोग सिर में रक्तस्राव, जबकि दूसरे घबराहट की शिकायत लेकर एम्स ट्रॉमा सेंटर आए हैं। जांच चल रही है।

- स्वराज पार्टी के नेता योगेंद्र यादव कैंपस के बाहर पहुंचे हुए हैं। जहां उन्होंने कैंपस के बाहर ही उनके साथ हाथापाई का एक वीडियो भी सामने आया है।

-  जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा के बाद भारी संख्या में छात्र दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं। 

 - राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि नकाबपोशों द्वारा जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों हमला किया गया है जिसमें कई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। देश की सत्ता पर काबिज फासीवादी लोग बहादुर छात्रों की आवाज़ से डरते हैं। जेएनयू में आज की हिंसा उसी डर को दिखाती है 

दिल्ली के उप-राज्यपाल ने ट्वीट कर कहा है कि छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ जेएनयू में हिंसा बेहत निंदनीय है। हमने कानून और व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश पुलिस को दिया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि हमने एलजी से बात की है और जेएनयू कैंपस में कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह स्थिति पर बारीकी से निगरानी रखे हैं और सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं।

- यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा है कि JNU में जिस तरह नक़ाबपोश अपराधियों ने छात्रों और अध्यापकों पर हिंसक हमला किया है वो बेहद निंदनीय है. इस विषय में तत्काल उच्च स्तरीय न्यायिक जाँच होनी चाहिए।

- एबीवीपी ने कहा है कि हमले में करीब 25 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गये और 11 छात्रों का अतापता नहीं है। छात्रावासों में कई एबीवीपी सदस्यों पर हमले हो रहे हैं तथा वामपंथी गुंडे छात्रावासों में तोड़फोड़ कर रहे हैं।

एबीवीपी ने आरोप लगाया कि वाम समर्थित छात्र संगठनों ने क्रूरतापूर्ण तरीके से हमला किया और उनके 25 कार्यकर्ता घायल हो गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए जेएनयू प्रशासन की तरफ से किए गए अनुरोध पर उसने विश्वविद्यालय के परिसर में प्रवेश किया।

जेएनयू में हुए बवाल पर एबीवीपी की जेएनयू यूनिट के अध्यक्ष दुर्गेश ने बयान जारी करके इस पूरे घटना का आरोप लेफ्ट विंग के छात्रों पर लगाया।

- जेएनयू कैंपस में बवाल के बाज जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी ने अधिक से अधिक संख्या में छात्रों को आईटीओ पहुंचने की अपील की है। 

- घटना को लेकर एबीवीपी ने कहा है कि एसएफआई, आइसा, डीएसएफ से जुड़े लोगों ने हमला किया है । इस हमले में करीब 15 छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं तथा अभी तक लगभग 11 छात्रों का कोई सुराग नहीं मिला।

 - जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा, 'मुझे मास्क पहने गुंडों ने बेरहमी से मारा है। मेरा खून बह रहा है। मुझे बेरहमी से पीटा गया है।

यह हिंसा तब हुई जब जेएनयू शिक्षक संघ एक बैठक कर रहा था। इतिहास विभाग के एक प्रोफेसर आर महालक्ष्मी ने घटना का ब्योरा देते हुए कहा, ''हमने टी प्वॉइंट पर शाम पांच बजे एक शांति बैठक आयोजित की थी। जैसे ही यह खत्म हुई, बड़ी संख्या में लोग परिसर में दाखिल हुए और उन्होंने शिक्षकों और छात्रों पर मनमाने ढंग से हमला करना शुरू कर दिया।"

एक अन्य प्रोफेसर प्रदीप शिंदे ने कहा, ''हमें इस बात पर आश्चर्य है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग हाथों में छड़ें लिए कैंपस में कैसे घुसे । मुझे लगता है कि वे ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ता थे जो हमेशा हमें देशद्रोही कहते हैं।" ऑनलाइन साझा किए गए एक वीडियो में, घोष के सिर से खून बहते देखा जा सकता है। वीडियो में वह कहती सुनाई दे रही हैं, ''मास्क पहने हुए लोगों ने मुझे बेरहमी से पीटा। जब मुझसे मारपीट की गई तब मैं अपने एक कार्यकर्ता के साथ थी। मैं बात तक करने की हालत में नहीं हूं।"

जेएनयूएसयू ने दावा किया कि एबीवीपी के सदस्य मुखौटे पहने हुए लाठी, छड़ और हथौड़े के साथ परिसर में घूम रहे थे। जेएनयूएसयू ने दावा किया, "वे पत्थर फेंक रहे थे... छात्रावासों में घुस रहे हैं और छात्रों की पिटाई कर रहे हैं। कई शिक्षकों को भी पीटा गया है।" अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने आरोप लगाया कि हिंसा के पीछे वामपंथी छात्र संगठनों का हाथ है। एबीवीपी ने दावा किया कि हमले में लगभग 25 छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और 11 छात्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। एबीवीपी के कई सदस्यों पर छात्रावासों में हमला किया जा रहा है।

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