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5 अगस्त, 2020|3:32|IST

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JNU छात्र शरजील इमाम ने SC में दिया अर्णब गोस्वामी केस का हवाला, दिल्ली पुलिस को नोटिस

sharjeel imam in police custody  file photo pti

सुप्रीम कोर्ट ने भड़काऊ भाषण मामले में राजद्रोह और अन्य गंभीर आरोपों का सामना कर रहे शरजील इमाम की याचिका पर दिल्ली पुलिस से शुक्रवार को जवाब तलब किया है। शरजील इमाम ने सुप्रीम कोर्ट में रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी केस का हवाला दिया। उसने कहा कि दलील दी कि अर्णब के केस की तरह उसके खिलाफ भी देश के विभिन्न हिस्सों में एक ही तरह की पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं। सभी मामलों की जांच एक ही एजेंसी से कराए जाने का कोर्ट से  अनुरोध किया है।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ ने शरजील की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 10 दिन बाद करने का निर्णय लिया।

सुनवाई के दौरान दवे ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज सभी पांच एफआईआर उनके एक ही भाषण पर आधारित हैं। दवे ने ऐसे ही एक ही तरह के कई मामले दर्ज किये जाने के खिलाफ रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को शीर्ष अदालत से मिली राहत का उल्लेख भी किया, लेकिन न्यायमूर्ति भूषण ने कहा कि अगर पुलिस को कुछ संज्ञेय अपराध के बारे में पता चलता है तो एफआईआर दर्ज करने में कोई बुराई नहीं है। 

गौरतलब है कि दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी प्रदर्शन के आयोजकों में से एक शरजील पर राजद्रोह के आरोप लगे हैं, जिनमें भारतीय दंड संहिता की धारा 124 एवं 153ए के अलावा गैरकानूनी गतिविधियां निरोधक अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 भी जोड़ी गई है। शरजील फिलहाल जेल में बंद है। 

गत वर्ष 13 दिसंबर और 15 दिसंबर को जामिया हिंसा में शामिल होने के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शरजील इमाम के खिलाफ विभिन्न राज्यों में पांच प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन पर दिसंबर में भड़काऊ भाषण के कारण, जामिया दंगों को भड़काने और 15 जनवरी को सीएए के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भाषण देने के आरोप लगाए गए। 

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  • Web Title:JNU student Sharajeel Imam gives Reference of Arnab Goswami case in Supreme Court notice to Delhi Police