छात्रों की आड़ में राजनीतिक जमीन न तलाशे भाजपा : विनोद पांडेय

हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए बताया कि छात्रों के मुद्दों के नाम पर भाजपा नेतृत्व को अपनी राजनीतिक जमीन खोजने से बाज आना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की सभी मांगें मान ली हैं।

छात्रों की आड़ में राजनीतिक जमीन न तलाशे भाजपा : विनोद पांडेय

रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को छात्रों के मुद्दों की आड़ में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश बंद करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर व्यंग करते कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए युवाओं और छात्रों के सवालों का समाधान नहीं कर पाए, वे आज छात्रों के पीछे खड़े होकर राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं। यह हकीकत अब पूरा देश जान चुका है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की सभी मांगों को मान लिया है, छात्र अपने घर लौट चुके हैं और 25 अगस्त को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में कई और महत्वपूर्ण निर्णय सरकार छात्र हित में लेने जा रही है।

भाजपा की कमजोर राजनीति

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं की राजनीति अब इतनी कमजोर हो चुकी है कि उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए छात्रों को आगे करना पड़ रहा है। छात्र-युवा पढ़ाई, रोजगार और अपने भविष्य को लेकर संघर्ष करें, यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उनके आंदोलनों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना भाजपा की पुरानी कार्यशैली रही है।

समस्या का समाधान

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी बताएं कि यदि उन्हें वास्तव में छात्रों की चिंता है तो वे छात्रों के बीच जाकर उनके मुद्दों पर सकारात्मक संवाद क्यों नहीं करते? हर प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक दमन बताकर माहौल गरमाना और फिर थाने पहुंचकर राजनीतिक प्रदर्शन करना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना है।

कानून का संचालन

झामुमो महासचिव ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी मामले में पुलिस को कानून के दायरे में ही कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन किसी व्यक्ति पर कार्रवाई को लेकर बिना पूरी जानकारी के पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाना और उसे राजनीतिक रंग देना जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं है। भाजपा को कानून और लोकतंत्र की दुहाई देने से पहले अपने राजनीतिक आचरण का आईना देखना चाहिए।

छात्रों के अधिकारों का सम्मान

विनोद पांडेय ने कहा कि झामुमो छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है, लेकिन किसी भी आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश का विरोध करेगा। उन्होंने कहा भाजपा नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर झामुमो से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। जनता के बीच जाकर लड़ना है तो भाजपा नेता खुद मैदान में उतरें।

साम Frequently पूछे जाने वाले प्रश्न

✦विनोद पांडेय ने भाजपा नेताओं पर कौन सा आरोप लगाया?−
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को छात्रों के मुद्दों की आड़ में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश बंद करनी चाहिए।
Satyadev Yadav

लेखक के बारे में

Satyadev Yadav

शॉर्ट बायो: सत्यदेव यादव पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान‘ में झारखंड के स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं।


परिचय एवं अनुभव
सत्यदेव यादव हिंदी पत्रकारिता जगत का एक जाना-पहचाना नाम हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 23 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान दैनिक’(हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के झारखंड संस्करण में स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस भूमिका में रहते हुए वह राज्य की प्रशासनिक, राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों की व्यापक और प्रभावशाली कवरेज का नेतृत्व कर रहे हैं। एक गतिशील, परिणामोन्मुख और विश्लेषणात्मक सोच वाले पत्रकार के रूप में सत्यदेव यादव को खोजी पत्रकारिता, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और टीम मैनेजमेंट में विशेष दक्षता प्राप्त है।


करियर का सफर (ट्रेनी रिपोर्टर से स्टेट ब्यूरो चीफ तक)
सत्यदेव यादव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2003 में ‘हिन्दुस्तान दैनिक’, फरीदाबाद से ट्रेनी रिपोर्टर के रूप में की। शुरुआती वर्षों में उन्होंने विभिन्न बीट पर काम करते हुए पत्रकारिता की बुनियादी समझ और फील्ड अनुभव हासिल किया। फिर ‘अमर उजाला’, गाजियाबाद में 2005 से करीब साढ़े पांच वर्षों तक कार्य किया, जहां ट्रेनी रिपोर्टर से स्टाफ रिपोर्टर और सब-एडिटर तक का सफर तय किया। 2010 के बाद ‘हिन्दुस्तान दैनिक’ के साथ उनका सफर लगातार आगे बढ़ता गया। गाजियाबाद में सीनियर रिपोर्टर और कॉपी एडिटर रहने के बाद वह गुरुग्राम और नोएडा में सिटी चीफ रिपोर्टर बने। 2017 से वह रांची में कार्यरत हैं। स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में रणनीति और टीमवर्क के जरिए झारखंड सरकार के 35 से अधिक विभागों की सफल कवरेज सुनिश्चित कर रहे हैं।


नेतृत्व, कंटेंट और विजन
स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में सत्यदेव यादव न सिर्फ टीम का नेतृत्व करते हैं, बल्कि स्टोरी चयन, कंटेंट पैकेजिंग और एडिटोरियल दिशा तय करने में भी उनकी अहम भूमिका होती है। वह अपनी टीम को हमेशा फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और ग्राउंड-लेवल वेरिफिकेशन पर जोर देने के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता होती है, और यही सोच उनके काम और नेतृत्व में साफ झलकती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सत्यदेव यादव ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और जर्नलिज़्म एवं मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक हैं।


विशेषज्ञता
खोजी पत्रकारिता और ग्राउंड रिपोर्टिंग
राजनीतिक विषयों पर विश्लेषण
वन पर्यावरण, वन्य जीव
बिजली, रिन्यूबल एनर्जी
शहरी मुद्दे, ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टिंग

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