खनिज संशोधन कानून के विरोध में ग्रामीणों ने जताया आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
बालूमाथ के हेमपुर गांव में एक बैठक में ग्रामीणों ने केंद्र सरकार द्वारा पारित नए खनन और खनिज विकास कानून के खिलाफ आक्रोश जताया। उन्होंने इसे झारखंड के हितों के खिलाफ मानते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी आवाज़ अनसुनी की गई तो वे व्यापक आंदोलन करेंगे।

बालूमाथ,प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत धाधू पंचायत के हेमपुर गांव में बुधवार को प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप गंझू की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रभारी के रूप में जिला उपाध्यक्ष कामेश्वर भोक्ता मौजूद रहे। इस दौरान केंद्र सरकार द्वारा पारित खनन एवं खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन कानून को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया। ग्रामीणों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित यह कानून झारखंड के हितों के विरुद्ध है। जल,जंगल और जमीन पर झारखंड के लोगों का अधिकार है। ग्रामीणों ने कहां कि झारखंड के महापुरुषों ने अपनी माटी, अधिकार और सम्मान की रक्षा के लिए बलिदान दिया है।
जरूरत पड़ी तो वे भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नए कानून के माध्यम से झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकार को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है,जिससे राज्य को आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल खनिज संपदा की नहीं,बल्कि झारखंड के सम्मान, माटी और भविष्य की लड़ाई है। बैठक में ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि झारखंड के हितों की अनदेखी की गई तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।बैठक में कई ग्रामीण उपस्थित रहे।


