चाकुलिया-बुरामारा नई लाइन को अक्तूबर तक मिलेगी वन विभाग से मंजूरी
झारखंड के चाकुलिया से ओडिशा के बुरामारा तक 59.96 किमी की नई रेल लाइन योजना को वन विभाग से एनओसी मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना से तीन राज्यों का विकास होगा और यात्रा में सुविधा बढ़ेगी। नई लाइन पर ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटे हो सकती है।

झारखंड के चाकुलिया से ओडिशा में बुरामारा तक 59.96 किमी नई लाइन योजना को अक्तूबर तक वन विभाग से एनओसी मिल सकती है। वन विभाग लाइन को लेकर डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे करा रहा है। जबकि, ओडिशा अंतरिक्ष केंद्र भी नई लाइन के लिए चिह्नित जमीन की सैटेलाइट जांच कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2024 में नई लाइन की आधारशिला रखी थी। इसके बाद से झारखंड व ओडिशा में नई लाइन को लेकर जमीन अधिग्रहण व अन्य प्रक्रिया शुरू है। रेलवे में करीब 1459 करोड़ रुपये से बनने वाली चाकुलिया से बुरामारा नई लाइन के तैयार होने से तीन राज्यों (झारखंड, बंगाल एवं ओडिशा) के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा।
करीब आधा दर्जन नए स्टेशन बनने से यात्रियों को आवागमन में सहूलियत होगी। वहीं, रेलवे में भी मालगाड़ियों के लिए एक नया मार्ग खुलेगा। सूचना के अनुसार, चाकुलिया-बुरामारा नई रेल लाइन पर ट्रेनों को 160 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलाने की योजना है। नई लाइन से पांच वर्ष में ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद स्थानीय निवासियों को है। दूसरी ओर, रेलवे और ओडिसा प्रशासन गुरुमाहिसानी-बांगड़ीपोसी 85.6 किमी और बादामपहाड़-क्योंझर 82.6 किमी लंबी नई लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण में जुटा है। तीनों नई रेल लाइन के तैयार होने से हावड़ा-मुंबई और टाटा-ओडिशा रेलमार्ग पर ट्रेनों के बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। बादामपहाड़, बांगड़ीपोसी, क्योंझर और गुरुमाहिसानी के लोडिंग प्वाइंट व यार्ड से मालगाड़ियों के संचालन में सहूलियत होगी।


