कैग की नेशनल रिसर्च कॉम्पिटिशन में जीतें ₹1.25 लाख तक के इनाम
नोट: इसे नेट पर नहीं डालें - लोक भवन ने राज्य के सभी विवि

रांची, विशेष संवाददाता। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) और भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय शोध लेख प्रतियोगिता में झारखंड के विद्यार्थियों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित कराने के लिए लोक भवन ने राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों को पत्र भेजकर प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और छात्रों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित करने को कहा है। यह प्रतियोगिता विगत पांच वर्षों के कैग ऑडिट रिपोर्टों पर आधारित होगी। प्रतियोगिता का आयोजन कैग और आईसीएसएसआर की ओर से संयुक्त रूप से देश के 28 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में किया जा रहा है। झारखंड में इसके समन्वय के लिए प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हक), झारखंड कार्यालय को नोडल एजेंसी बनाया गया है। पत्र में विश्वविद्यालयों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कॉलेजों और शोध संस्थानों तक प्रतियोगिता की जानकारी पहुंचाते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में सार्वजनिक वित्त, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन से जुड़े विषयों पर शोध व विश्लेषणात्मक सोच को बढ़ावा देना है.
राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता में राज्य और राष्ट्रीयस्तर पर आकर्षक नकद पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। राज्यस्तर पर प्रथम पुरस्कार 75 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये होगा। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 1.25 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 1 लाख रुपये और तृतीय पुरस्कार 75 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे.
प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। राज्य स्तरीय प्रविष्टियां 31 अगस्त तक ऑनलाइन जमा की जा सकेंगी, जबकि राष्ट्रीय स्तर के लिए 1 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। प्रतियोगिता से जुड़ी सभी जानकारी और रजिस्ट्रेशन लिंक https://icssr.org/applications.cag-icssr-research-article-competition व https://cag.gov.in/ae/jharkhand/en पर उपलब्ध है.
इन विषयों पर होंगे शोध लेख
प्रतियोगिता के लिए चार प्रमुख विषय निर्धारित किए गए हैं- पहला वित्तीय संघवाद एवं सुशासन, दूसरा- कौशल विकास, रोजगार व एमएसएमई, तीसरा- सामाजिक क्षेत्र पर व्यय और चौथा- शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों का सशक्तिकरण। प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की जाएगी- स्नातक व स्नातकोत्तर विद्यार्थी और पीएचडी शोधार्थी। प्रतियोगिता का आयोजन राज्य/केंद्र शासित प्रदेश स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर होगा। शोध लेख सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे.


