बीआईटी सिंदरी को विश्वस्तरीय बनाना सरकार का लक्ष्य : प्रधान सचिव
झारखंड सरकार के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार ने बीआईटी सिंदरी का दौरा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार इस संस्थान को विश्वस्तरीय बनाना चाहती है। सभी विभागों को शोध सुविधाएं बढ़ाने और अगले 5 साल की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। प्रधान सचिव ने कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी को जल्द ही दूर किया जाएगा।

झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार मंगलवार को बीआईटी सिंदरी के दौरे पर पहुंचे। उनके साथ संयुक्त सचिव सह तकनीकी शिक्षा निदेशक जॉर्ज कुमार और झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डीके सिंह भी मौजूद थे। अधिकारियों ने संस्थान की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद संस्थान के निदेशक डॉ. पंकज राय और सभी विभागाध्यक्षों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की गई। इसमें प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड सरकार बीआईटी सिंदरी को विश्वस्तरीय संस्थान बनाना चाहती है और इसका पुराना गौरव लौटाने के लिए हर तरह का सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभागों में शोध की सुविधाएं बढ़ाने का निर्देश दिया। कहा कि सभी विभाग अपनी जरूरतों का आकलन करें और अगले 5 साल में वे अपने विभाग को कहां देखना चाहते हैं, इसका एक पूरा खाका तैयार करें। इस कार्य योजना को 20 दिनों के भीतर यानी 5 अगस्त तक निदेशक के माध्यम से विभाग को भेजें।
बैठक में चर्चाएं
प्रधान सचिव ने निदेशक से कहा कि संस्थान की जो भी आंतरिक समस्याएं हैं, उन्हें अपने स्तर पर दूर करें। यदि स्थानीय स्तर पर समाधान संभव न हो, तो पूरा प्रस्ताव लेकर विभाग आएं, एक साथ सारी व्यवस्था कर दी जाएगी। संस्थान के निदेशक डॉ. पंकज राय ने बैठक में हुई इन सभी चर्चाओं की विस्तृत जानकारी दी.
भविष्य के कदम
संस्थान से रवाना होने से पहले प्रधान सचिव ने पत्रकारों को बताया कि संस्थान को उत्कृष्टता केंद्र बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले समय में बीआईटी सिंदरी जल्द ही एक विश्वविद्यालय के रूप में झारखंड की बड़ी धरोहर बनकर उभरेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संस्थान में शिक्षकों, तकनीकी और गैर-तकनीकी कर्मचारियों की कमी को बहुत जल्द दूर कर लिया जाएगा।


