झारखंड को बनाएंगे शोध और नवाचार का केंद्र : हेमंत सोरेन

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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--नई दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 का हुआ आयोजन --झारखंड सरकार ने 14 समझौता ज्ञापन

झारखंड को बनाएंगे शोध और नवाचार का केंद्र : हेमंत सोरेन

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य को शोध और नवाचार का बड़ा केंद्र बनाना है। इसके लिए सरकार हर स्तर पर काम कर रही है। नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों, निवेशकों, पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं के सामने झारखंड के विकास का नया विजन रखा।

राज्य की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पहचान अब केवल खनिज संपदा (माइंस) तक सीमित नहीं रहेगी। अब ज्ञान, शोध और तकनीकी नवाचार के दम पर राज्य को नई पहचान दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य राज्य को शोध और नवाचार का बड़ा केंद्र बनाना है। इसी लक्ष्य को लेकर राज्य सरकार काम कर रही है। राज्य के समग्र विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है। नई तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नवाचार के जरिए राज्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने उद्योग जगत से कहा कि आप लोग लंबे समय साथ चलने के उद्देश्य को लेकर खुले मन के साथ राज्य में आएं। राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग करेगी। आज यहां पर जो समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुए हैं, वह काफी अहम हैं। इनसे राज्य में नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और नए अवसर भी पैदा होंगे। एमओयू केवल कागजी समझौते नहीं हैं, बल्कि झारखंड के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव हैं।

परियोजनाओं को तय समय-सीमा में उतारें जमीन पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल नीतियां नहीं बना रही। साथ में विकास की नई संभावनाओं के दरवाजे भी खोल रही है। सरकार का लक्ष्य एकदम स्पष्ट है। छोटी अवधि की योजनाओं की जगह पर लंबी अवधि की साझेदारी पर जोर दे रही है। इसलिए उद्योग जगत और निवेशकों से भी आह्वान है कि लंबे समय तक साथ चलने के उद्देश्य को लेकर जुड़ें। राज्य सरकार हर मोर्चे पर मिलकर काम करने को तैयार है। बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ नीतिगत स्तर पर जो भी फैसले लेने की आवश्यकता होगी, उन्हें लेने में राज्य सरकार किसी भी स्तर पर देरी नहीं करेगी।

निवेशकों से लगातार रखेंगे संवाद

मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) की तरफ से आदिवासी उद्यमियों को दी जा रही 25 प्रतिशत छूट की समीक्षा की जाए और इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की संभावना पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले बेहतर संवाद की कमी के कारण झारखंड की संभावनाएं दुनिया के सामने पूरी तरह नहीं आ सकीं, लेकिन अब सरकार देश और विदेश के निवेशकों के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगी। इससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

14 एमओयू पर किए हस्ताक्षर

कार्यक्रम के दौरान झारखंड सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जिंदल ग्रुप, वरुण बेवरेजेस, टाटा समूह, गूगल, ईजमाईट्रिप समेत कई बड़ी कंपनियों और संस्थाओं के साथ 14 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। कुल मिलाकर दो दिन के आयोजन में झारखंड ने उद्योग, प्रौद्योगिकी और पर्यटन के क्षेत्र में 99 हजार करोड़ से अधिक के निवेश को आकर्षित किया है।

प्रश्नोत्तर

झारखंड का विकास का नया विजन क्या है?
झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लक्ष्य शोध और नवाचार का बड़ा केंद्र बनाना है।
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