हिन्दुस्तान असर: यूरोलॉजी विभाग के लिए जल्द खरीदी जाएंगी जरूरी मशीनें
झारखंड के बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के यूरोलॉजी विभाग में जल्द ही लेजर मशीन और सी-आर्म समेत अन्य आवश्यक उपकरण की खरीदारी की जाएगी। इससे मरीजों को उपचार में सुविधा होगी और उन्हें निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह कदम अस्पताल प्रबंधन द्वारा उठाया गया स्वास्थ्य विभाग की जागरूकता के बाद किया गया है।

रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के सुपरस्पेशलिटी विभाग यूरोलॉजी में मरीजों के उपचार के लिए जल्द ही लेजर मशीन, सी-आर्म सहित अन्य जरूरी उपकरण की जल्द खरीदारी होगी। इन मशीनों की खरीदारी और इस्तेमाल से मरीजों को इलाज में कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए रिम्स के यूरोलॉजी विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर ली जाएगी। यह पूरी जानकारी रिम्स प्रबंधन के पीआरओ डॉ शिशिर ने गुरुवार को दी। बता दें कि आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने ‘सांसें दांव पर, अस्पतालों को दें उपकरण’ लगातार अभियान चला रखा है। ‘बिना लेजर सुविधा और सी-आर्म के चल रहा यूरोलॉजी विभाग’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमा सचेत हो गया।
इसके बाद यूरोलॉजी विभाग के लिए मशीनें खरीदने पर निर्णय हुआ है।बता दें कि लेजर ऑपरेशन नहीं होने के कारण या तो मरीजों को निजी अस्पताल जाकर इलाज कराने की मजबूरी हो जाती है या फिर चीरा लगाकर ऑपरेशन कराना पड़ता है। जिससे रिकवरी में भी देरी होती है, वहीं लेजर मशीन होने से मरीज एक से दो दिनों के अंदर अस्पताल से घर चला जाता है। वहीं सीआर्म खराब होने से पीसीएनएल ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, पीसीएनएल विधि किडनी से बड़ी पथरी निकालने का प्रभावी माध्यम है, सीआर्म मशीन की खरीदारी हो जाने से मरीजों को पथरी के इलाज के लिए निजी अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होती है।


